द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर बांग्लादेश मूल के मुस्लिम बहुल सीटों को लेकर आरोप लगाए। AICC ने 42 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिनमें गौरव गोगोई सहित कई प्रमुख नाम शामिल। असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर जो भी आंतरिक टकराव है, वह केवल बांग्लादेश मूल के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों तक सीमित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम और असमिया समाज के हितों के साथ खड़ी नहीं दिखती।
मीडिया से बातचीत में सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति विशेष वर्ग के इर्द-गिर्द घूम रही है और पार्टी ने अपनी विचारधारा को गिरवी रख दिया है। उनके इस बयान से राज्य की सियासत में नई बहस छिड़ गई है।
AICC ने जारी की 42 उम्मीदवारों की सूची
इसी बीच All India Congress Committee (AICC) ने असम विधानसभा चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा अनुमोदित इस सूची में कई प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi को जोरहाट सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा गोलाघाट से बिटुपन सैकिया, गौरिपुर से अब्दुस सोबहान अली सरकार, गोलपारा वेस्ट (ST) से मार्कलाइन मारक और बोंगाईगांव से गिरीश बरुआ को टिकट मिला है।
सूची में बारपेटा (SC) से महानंदा सरकार, बोको-चायगांव (ST) से रमेन सिंह राभा, कामलपुर से सत्यब्रत कलिता और बरछल्ला से रिपुन बोरा जैसे नाम शामिल हैं। महिला नेताओं को भी प्राथमिकता दी गई है, जिनमें हाजो-सुअलकुची (SC) से नंदिता दास, तेओक से पल्लबी सैकिया गोगोई और रामकृष्ण नगर (SC) से सुरुचि रॉय शामिल हैं।
इस सूची में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की सीटों पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा हस्ताक्षरित इस सूची ने चुनावी तैयारी को औपचारिक रूप से गति दे दी है।
चुनावी मुकाबले की तैयारी तेज
असम में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस जहां भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा विकास और स्थिरता को मुद्दा बना रही है।
सरमा के ताजा बयान और कांग्रेस की उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद चुनावी जंग और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक घोषणाएं राजनीतिक माहौल को और गरमाएंगी।

