द लोकतंत्र/ पटना : बिहार चुनाव 2025 के एग्जिट पोल सामने आते ही सियासी माहौल गर्म हो गया है। दो चरणों की ऐतिहासिक वोटिंग के बाद अब तमाम सर्वे संकेत दे रहे हैं कि राज्य में एक बार फिर एनडीए (NDA) सरकार की वापसी तय लग रही है।
अधिकतर एग्जिट पोल्स में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन को पीछे बताया जा रहा है। बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए मतदान के बाद यह अनुमान राजनीतिक गलियारों में तेज़ चर्चा का विषय बन गया है।
‘पोल ऑफ पोल्स’ ने एनडीए को 131 से 157 सीटों के बीच सीटें
एग्जिट पोल आंकड़ों के मुताबिक़, ‘पोल ऑफ पोल्स’ ने एनडीए को 131 से 157 सीटों के बीच सीटें मिलती हुई दिखाई हैं, जबकि महागठबंधन को 80 से 93 सीटों तक सीमित बताया गया है। वहीं अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को 3 से 6 सीटों के बीच अनुमानित समर्थन मिल सकता है। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि जनता ने एक बार फिर नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन को मौका देने का मन बना लिया है।
विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी आंकड़ों में भी करीब–करीब यही तस्वीर उभरकर सामने आई है। MATRIZE–IANS सर्वे के अनुसार एनडीए को 147 से 167 सीटें और महागठबंधन को 70 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं CHANAKYA STRATEGIES ने एनडीए को 130 से 138 और महागठबंधन को 100 से 108 सीटों के बीच दिखाया है। POLSTRAT के आंकड़ों में बीजेपी और जेडीयू को मज़बूत बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जहां एनडीए को 133 से 148 और महागठबंधन को 87 से 102 सीटें मिलती बताई गई हैं।
POLSTRAT ने अपने सर्वे में बीजेपी को 68 से 72 सीटें दी
पार्टी–वाइज़ अनुमान की बात करें तो POLSTRAT का कहना है कि बीजेपी को 68 से 72 सीटें और जेडीयू को 55 से 60 सीटें मिल सकती हैं। एलजेपी (रामविलास) को 9 से 12 सीटों, HAM को 1 से 2 और RLMS को 0 से 2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस तरह, गठबंधन के भीतर भी बीजेपी और जेडीयू की भूमिका निर्णायक साबित होती दिख रही है।
Journo Mirror ने महागठबंधन की बढ़त बतायी
हालाँकि सभी सर्वे एनडीए की जीत की ओर इशारा नहीं करते। Journo Mirror एकमात्र एजेंसी रही जिसने महागठबंधन को बढ़त दिखाई है। इस सर्वे के अनुसार एनडीए को 100 से 110 सीटें और महागठबंधन को 80 से 93 सीटें मिल सकती हैं। यह अनुमान विपक्षी खेमे के लिए उम्मीद की किरण की तरह काम कर रहा है, हालांकि कुल मिलाकर तस्वीर एनडीए के पक्ष में ही नज़र आती है।
फिलहाल बिहार में हालात बेहद रोचक बने हुए हैं। एग्जिट पोल्स ने नीतीश कुमार की सत्ता वापसी की संभावना को और मजबूत बना दिया है, लेकिन बिहार का राजनीतिक इतिहास बताता है कि अंतिम परिणाम कभी–कभी सभी अनुमानों को बदल भी देते हैं। ऐसे में 14 नवंबर को आने वाले मतगणना परिणाम तय करेंगे कि बिहार की जनता ने वास्तव में किसे चुना – एनडीए, महागठबंधन या फिर कोई नया समीकरण।

