द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस पार्टी ने राज्य की नीतीश कुमार नेतृत्व वाली भाजपा-जेडीयू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने गुरुवार को एक 43 पन्नों का आरोप पत्र जारी करते हुए पिछले 20 वर्षों के शासन को ‘विनाश काल’ बताया है। इस दस्तावेज़ में घोटालों से लेकर अपराध, पलायन और भ्रष्टाचार तक के कई आरोप दर्ज हैं।
बिहार के लोग पलायन को मजबूर, युवाओं का भविष्य बेचा गया
कांग्रेस ने अपने आरोप पत्र में लिखा है कि बिहार के लोगों को पलायन कर मजदूरी के लिए मजबूर किया गया, युवाओं के भविष्य को बेचा गया, पूरे बिहार के कोने-कोने को अपराधियों ने रक्त-रंजित कर दिया। न केवल उद्योग-धंधे चौपट किए गए, बल्कि अपराधी अब उद्योगपतियों के घर में घुसकर उनकी हत्या तक कर रहे हैं।
दस्तावेज़ में आगे लिखा गया है कि जब बिहार की जनता ने भाजपा-जेडीयू सरकार को नकार दिया है, तो ये ‘वोट चोरी’ के रास्ते सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। मगर कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि न भाजपा-जेडीयू को वोट चोरी करने देंगे, न लोगों के संसाधनों की लूट करने देंगे।
‘सृजन घोटाला’ – कांग्रेस ने बताया हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार
कांग्रेस ने अपने आरोप पत्र में सृजन घोटाले को बिहार के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बताया है। दस्तावेज़ के अनुसार, सृजन घोटाला लगभग ₹1000 करोड़ का था। सरकारी योजनाओं- मनरेगा, छात्रवृत्ति, पेंशन, इंदिरा आवास आदि की राशि जिला कोषागारों के जरिए बैंकों में जानी थी, लेकिन बैंक, कोषागार अधिकारियों और भाजपा-जेडीयू सत्ता की मिलीभगत से यह राशि ‘सृजन महिला विकास सहयोग समिति’ नामक एनजीओ के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
आरोप है कि एनजीओ के पदाधिकारियों ने इन पैसों को निजी संपत्ति खरीदने और राजनीतिक रसूख बढ़ाने में खर्च किया। फर्जी दस्तावेज़ों, चेक और RTGS के माध्यम से यह घोटाला कई वर्षों तक चलता रहा। कांग्रेस ने दावा किया कि इस मामले की मुख्य आरोपी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की रिश्तेदार थी।
मुज़फ्फरपुर बालिका गृह कांड – सत्ता की सरपरस्ती में अन्याय
आरोप पत्र में मुज़फ्फरपुर बालिका गृह कांड को भी भ्रष्टाचार और सत्ता संरक्षण का प्रतीक बताया गया है। कांग्रेस ने लिखा है कि यह बिहार का सबसे शर्मनाक कांड था। 2018 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सरकारी सहायता प्राप्त शेल्टर होम में 30 से अधिक नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार और शोषण हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई। बालिका गृह का संचालन ‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति’ नामक एनजीओ कर रहा था। कांग्रेस का आरोप है कि भ्रष्ट और अधर्मी सरकार ने ऐसे अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया।
माँ दुर्गा के भक्तों पर गोलियाँ चलीं
आरोप पत्र में कहा गया है कि अधर्मी भाजपा-जेडीयू की सरकार ने मुंगेर में माँ दुर्गा के भक्तों को गोलियों से भून डाला। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे श्रद्धापूर्वक माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करना चाहते थे। एक 18 वर्षीय मासूम अनुराग ने वहीं दम तोड़ दिया। कांग्रेस का दावा है कि यह घटना सरकार की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक दमन की प्रतीक है।
20 वर्षों में बिहार देश के सबसे पिछड़े राज्यों में
कांग्रेस ने कहा है कि पिछले 20 वर्षों में भाजपा-जेडीयू शासन ने बिहार को विकास की दौड़ में सबसे नीचे लाकर खड़ा कर दिया। चार्जशीट के अनुसार सामाजिक एवं आर्थिक विकास के सभी प्रमुख मानकों पर बिहार, देश के 17 बड़े राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है। CARE Ratings द्वारा जारी ‘Social and Economic Development Index’ में बिहार को न्यूनतम स्कोर प्राप्त हुआ है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों जैसे क्षेत्रों का मूल्यांकन किया गया।
कांग्रेस ने दी चुनौती – अब जनता जवाब देगी
आरोप पत्र के अंत में कांग्रेस ने लिखा है कि अब बिहार की जनता इस भ्रष्ट और विफल सरकार को करारा जवाब देगी। कांग्रेस न केवल भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करेगी बल्कि राज्य के युवाओं, किसानों और श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन दिलाने के लिए संघर्षरत रहेगी।

