द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज़ कर दी हैं। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की एक अहम बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई, जिसमें SIR से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची से छूटे वैध मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने के लिए एक संगठित और लक्षित अभियान की रणनीति तय करना था।
इस वर्चुअल बैठक में योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से जुड़े सभी भाजपा सांसदों और विधायकों ने भी बैठक में भाग लिया।
छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने पर फोकस
बैठक में मुख्य रूप से उन वैध मतदाताओं के नामों को लेकर चर्चा हुई, जो राज्य की पहली SIR सूची से किसी कारणवश हट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्र मतदाताओं के नाम जल्द से जल्द बहाल किए जाएं।
इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे आम मतदाताओं की मदद करें, ताकि जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने नाम दोबारा दर्ज करा सकें। पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर सक्रियता और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय से SIR से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव है।
संगठन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में बेहतर तालमेल की समीक्षा
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं, सांसदों, विधायकों और प्रशासन के बीच समन्वय तंत्र की भी समीक्षा की गई। उद्देश्य यह है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और SIR से जुड़ी शिकायतों का जल्द निपटारा हो सके। पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे को संगठनात्मक रणनीति और जनसंपर्क अभियान के लिहाज से बेहद अहम बताया है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में SIR को लेकर भाजपा का यह अभियान और तेज़ होगा, ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से बाहर न रहे। यह बैठक यूपी में पार्टी की आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति को दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से चर्चा, विपक्ष पर भी हमला
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर SIR मुद्दे पर चर्चा की थी। इससे साफ है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
इसी बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने INDIA गठबंधन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने Viksit Bharat Guarantee for Rozgaar and Ajeevika Mission (VB-G RAM-G) Act का विरोध करने पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि अगर यह कानून पास होता है, तो वर्षों से देश की संपदा लूटने वालों की सच्चाई सामने आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अधिनियम को भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक सुधार बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए करनी पड़ी, क्योंकि जो लोग लंबे समय तक संसाधनों का दुरुपयोग करते रहे हैं, वे अब बेनकाब होने के डर से बेचैन हैं। कुल मिलाकर, SIR मुद्दे पर बीजेपी की यह बैठक और उससे जुड़े फैसले उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में अहम असर डाल सकते हैं।

