द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें 111 नामों का ऐलान किया गया है। इस सूची में पार्टी ने कई सीटों पर रणनीतिक बदलाव करते हुए नए चेहरों को मौका दिया है। खासतौर पर बिष्णुपुर (SC) सीट पर पहले घोषित उम्मीदवार को बदलकर विस्वजीत खान को मैदान में उतारना पार्टी की रणनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। वहीं जॉयपुर सीट से एक ऐसे उम्मीदवार को टिकट दिया गया है, जिसे पार्टी का समर्थन प्राप्त है।
इस सूची में फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी नेता रूपा गांगुली को सोनारपुर साउथ से उम्मीदवार बनाया गया है, जिससे इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रामाणिक को माथाभांगा (SC) से टिकट देकर पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। कई अन्य सीटों पर भी क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
शुभेंदु अधिकारी फैक्टर और हाई-वोल्टेज मुकाबले की तैयारी
बीजेपी की इस सूची में शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव को भी साफ तौर पर देखा जा सकता है। पार्टी ने एगरा सीट से उनके भाई दिब्येंदु अधिकारी को टिकट दिया है, जिससे यह साफ है कि पार्टी इस क्षेत्र में अपने मजबूत नेताओं पर भरोसा जता रही है। वहीं संदेशखाली जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ी सीटों पर भी बीजेपी ने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं, जो स्थानीय आंदोलनों से जुड़े रहे हैं।
अब तक बीजेपी 255 सीटों (पहली लिस्ट में 144 और दूसरी में 111) पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जबकि 39 सीटों पर नामों की घोषणा बाकी है। इस बार का चुनाव ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारकर मुकाबले को और रोचक बना दिया है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी।
बीजेपी की दूसरी सूची ने साफ कर दिया है कि पार्टी इस बार बंगाल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। उम्मीदवार चयन में आक्रामक रणनीति और स्थानीय समीकरणों का ध्यान रखते हुए पार्टी ने मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।

