द लोकतंत्र/ लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर बड़ा सियासी बयान देकर हलचल तेज कर दी है। उन्होंने न सिर्फ यह साफ किया कि वे अगला लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे, बल्कि मज़ाकिया लहजे में सुल्तानपुर सीट से अपनी दावेदारी के संकेत भी दे दिए। उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
सुल्तानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि वे 2029 में किस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, तो बृजभूषण शरण सिंह ने बेबाक अंदाज में कहा, हो सकता है सुल्तानपुर से ही लड़ जाएं, क्या परेशानी है? अगर मैं सुल्तानपुर से लड़ूं तो क्या मुझे वोट मिलेगा या नहीं? उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए पूरा उत्तर प्रदेश खुला मैदान है और समय आने पर परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा।
बीजेपी में रहेंगे या बदलेंगे दल? जवाब में छोड़ा बड़ा संकेत
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या वे भारतीय जनता पार्टी से ही चुनाव लड़ेंगे या किसी दूसरी पार्टी का रुख कर सकते हैं, तो सिंह ने इस पर भी सीधा जवाब देने से बचते हुए सस्पेंस बनाए रखा। उन्होंने कहा, अभी तो हम भाजपा में हैं। तीन साल बाद क्या होगा, यह कौन बता सकता है? इसके साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके खिलाफ दो बार बड़े षड्यंत्र रचे गए, जो उनके मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक षड्यंत्रों में शामिल हैं।
‘जहां से बेइज्जत होकर गया, वहीं लौटना चाहता हूं’
बृजभूषण शरण सिंह ने भावनात्मक लहजे में कहा कि वे एक बार फिर उस जगह जाना चाहते हैं, जहां से वे अपमानित होकर लौटे थे। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि तुमने मुझे बेइज्जत किया था, लेकिन मैं फिर वापस आया हूं।” उनके इस बयान को उनके राजनीतिक पुनरुत्थान की मंशा से जोड़कर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी और प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर भी साधा निशाना
पूर्व सांसद ने इस दौरान पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने माना कि भाषा भले ही तीखी रही हो, लेकिन बात में दम था। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो नेता दो नावों पर सवार होता है, वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव के समय खुद को हिंदू बताते हैं और चुनाव के बाद हिंदुओं के खिलाफ बयान देते हैं।
सीएम योगी से मुलाकात पर क्या बोले बृजभूषण?
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात होगी, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, क्यों नहीं, बिल्कुल होगी। बृजभूषण शरण सिंह के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले ही उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाने लगी है।
साथ ही, सुल्तानपुर सीट को लेकर दिया गया उनका संकेत और पार्टी बदलने को लेकर छोड़ा गया सस्पेंस आने वाले समय में कई राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बयान महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी है या 2029 की तैयारी का खुला एलान।

