द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। गाजियाबाद में सामने आए एक मामले का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में खुलेआम नफरत और हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है। सांसद ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि तलवारें बांटी जा रही हैं, एक संप्रदाय के खिलाफ जज्बाती नारे लगाकर लोगों को भड़काया जा रहा है और यह सब सरकार की नाक के नीचे हो रहा है।
‘सरकार ने आंखें बंद, कान ढक लिए हैं’
अपने बयान में चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि आज देश और प्रदेश में जो माहौल बनाया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंखें बंद कर ली हैं, मुंह सिल लिया है और कानों पर कैप ढक ली है। सांसद के अनुसार, सरकार को न तो अन्याय दिख रहा है, न ही आतंक जैसी गतिविधियां। उन्होंने कहा कि जो लोग संप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं, खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं, वे सरकार को “आतंकवादी” नहीं दिखते। यही कारण है कि ऐसे हालात में किसी भी जिले या राज्य में बड़ी और भयावह घटनाएं घट सकती हैं।
गाजियाबाद की घटना का जिक्र
चंद्रशेखर आज़ाद ने गाजियाबाद की उस घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं द्वारा तलवारों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि शालीमार गार्डन क्षेत्र में धारदार हथियारों की स्टॉल लगाकर आम लोगों को हथियार बांटे गए और उन्हें यह कहकर उकसाया गया कि जिहादियों से सुरक्षा के लिए इसे घर में रखें। सांसद के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां सीधे तौर पर समाज को बांटने और हिंसा भड़काने का प्रयास हैं।
पुलिस कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरार
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि केवल गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे संगठनों को खुलेआम हथियार प्रदर्शनी और वितरण की इजाजत कैसे मिल जाती है? सांसद ने कहा कि जब तक सरकार और प्रशासन की मंशा साफ नहीं होगी, तब तक ऐसे मामलों पर सिर्फ प्रतीकात्मक कार्रवाई होती रहेगी।
कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल
नगीना सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो समाज में भय और असुरक्षा का माहौल और गहराएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि संप्रदायिकता फैलाने वाले तत्वों पर बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाए और प्रदेश में शांति, भाईचारे और संविधान के मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
चंद्रशेखर आज़ाद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में लगातार कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके इस तीखे हमले ने एक बार फिर सरकार की भूमिका और जिम्मेदारी को बहस के केंद्र में ला दिया है।

