द लोकतंत्र : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए प्रचार करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर एक ऐसा बयान दिया है, जो राज्य की राजनीति में एक नए सियासी विवाद का केंद्र बन सकता है। सीएम योगी ने ‘इंडिया गठबंधन’ (INDIA Alliance) को ‘तीन बंदर’ बताते हुए उनके नेताओं को ‘पप्पू, टप्पू और अप्पू’ कहकर संबोधित किया।
‘तीन बंदर’: पप्पू, टप्पू, अप्पू
दरभंगा स्थित केवटी विधानसभा में एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे सीएम योगी ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर सीधा और तीखा हमला बोला।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंडिया गठबंधन में तीन बंदर आ गए हैं, पप्पू, टप्पू और अप्पू। उन्होंने इन तीनों नामों का संदर्भ महात्मा गांधी के तीन बंदरों से जोड़ते हुए कहा, “पप्पू सच बोल नहीं सकता। टप्पू सच देख नहीं सकता। अप्पू सच सुन नहीं सकता।”
यह बयान सीधे तौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (कांग्रेस), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के शीर्ष नेतृत्व, और समाजवादी पार्टी (SP) के नेतृत्व को निशाने पर लेता है। यह बयान बिहार की चुनावी रैलियों में गर्मी पैदा करने और मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
विदेश दौरों पर राहुल गांधी को घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में विशेष रूप से राहुल गांधी को निशाना बनाया और उन पर देश के खिलाफ बोलने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विदेश दौरों के दौरान “देश के खिलाफ” बोलते हैं। उन्होंने इस व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि यह विपक्षी नेताओं की देश के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
सीएम योगी ने इंडिया गठबंधन पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों का इतिहास केवल अराजकता, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का रहा है।
RJD के शासनकाल पर नरसंहार का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण का मुख्य केंद्र बिहार के पुराने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के शासनकाल को बनाया, जिसे अक्सर ‘जंगलराज’ कहा जाता रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल की सरकार के कार्यकाल में “नरसंहार” और अराजकता चरम पर थी। उन्होंने पुरानी घटनाओं का उल्लेख करते हुए मतदाताओं को एनडीए सरकार और विपक्षी दलों के शासनकाल में अंतर को याद दिलाया।
सीएम योगी ने वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि अब राज्य में कोई अराजकता या दंगा नहीं है। उन्होंने स्थानीय भावनाओं को छूते हुए कहा, “अब मिथिला में सब चंगा है।” यह नारा इस क्षेत्र में सुरक्षा और शांति के दावों को मजबूत करने की कोशिश है।
योगी आदित्यनाथ का यह आक्रामक प्रचार अभियान बिहार में एनडीए के लिए गति बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘पप्पू, टप्पू, अप्पू’ जैसे बयान विपक्षी नेताओं को व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने और चुनावी विमर्श को ध्रुवीकृत करने का एक प्रयास हैं।

