द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। सीएम योगी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि एसआईआर में किसी भी तरह की लापरवाही पार्टी और जनप्रतिनिधियों के लिए भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर यह काम गंभीरता से नहीं किया गया, तो इसके राजनीतिक परिणाम अगले 20 साल तक भुगतने पड़ सकते हैं।
दरअसल, बीते 21 दिसंबर को लखनऊ में एसआईआर को लेकर भाजपा की एक अहम कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद रहे। इस बैठक में पंकज चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व केंद्रीय प्रभारी तरुण चुग भी शामिल हुए। कार्यशाला में पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दे दिए कि जिन विधानसभा सीटों पर एसआईआर का काम ठीक से नहीं होगा, वहां विधायकों का टिकट कटना तय है।
SIR केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पार्टी के राजनीतिक भविष्य से जुड़ा सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में मौजूद मंत्रियों, विधायकों, संगठन पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सख्त लहजे में कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पार्टी के राजनीतिक भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर हार-जीत का अंतर महज चार से पांच हजार वोटों का रहा है। ऐसे में थोड़ी सी भी चूक पूरी सीट गंवा सकती है।
सीएम योगी ने कार्यशाला में कुछ संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए चौंकाने वाले आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि लखनऊ कैंट, लखनऊ उत्तर, आगरा दक्षिण, मिल्कीपुर, हरदोई, लखीमपुर समेत प्रदेश की तीन दर्जन से ज्यादा सीटों पर 20 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम कट चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर चेतावनी के रूप में लेते हुए कहा कि अगर इन नामों को समय रहते नहीं जुड़वाया गया, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ेगा।
विपक्ष पर भी नजर बनायें रखें कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर कटे हुए मतदाताओं की सूची की गहन समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि एक-एक कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करे कि जिन मतदाताओं के नाम एसआईआर में हट गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में जोड़ा जाए। जो मतदाता अस्थायी रूप से बाहर हैं या स्थानांतरित हो चुके हैं, उनके नाम जोड़ने पर विशेष फोकस किया जाए।
इसके साथ ही सीएम योगी ने विपक्ष पर भी नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा यदि फर्जी नाम जुड़वाने की कोशिश की जाती है, तो उस पर तुरंत आपत्ति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर आपसे यह काम नहीं हो पा रहा है, तो साफ बता दीजिए, हमारे पास काम करने वाले और भी लोग हैं। सीएम ने खास तौर पर उन सीटों पर चिंता जताई, जो भाजपा की परंपरागत मजबूत सीटें मानी जाती रही हैं, लेकिन वहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मृत या अनुपस्थित श्रेणी में दर्ज हो गए हैं। इसके विपरीत, कुछ मुस्लिम बहुल सीटों पर अपेक्षाकृत कम नाम कटने की बात भी उन्होंने उठाई, जिसे संगठन के लिए गंभीर संकेत बताया गया।
यह संगठन की परीक्षा की घड़ी : पंकज चौधरी
कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि यह संगठन की परीक्षा की घड़ी है, जिसमें केवल वही पास होगा, जो सौ फीसदी अंक लाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि एसआईआर को मिशन मोड में लें, क्योंकि यही आने वाले चुनावों की नींव तय करेगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में एसआईआर को लेकर भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सख्त संदेश बताता है कि पार्टी संगठन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने के मूड में है, और आने वाले चुनावों से पहले यह मुद्दा भाजपा की रणनीति का केंद्र बिंदु बनने जा रहा है।

