द लोकतंत्र/ पटना : बिहार चुनाव के नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां राजद नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि वह 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, वहीं लोजपा (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने इस बयान पर तीखा पलटवार किया है।
शांभवी चौधरी ने कहा कि सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन सीएम बनने का सपना देखना तेजस्वी यादव को शोभा नहीं देता, क्योंकि बिहार की जनता ने पहले ही नीतीश कुमार को अगले पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया है और अपने वोट से इस फैसले को मजबूत किया है।
नीतीश कुमार ही बनेंगे मुख्यमंत्री – शांभवी चौधरी
पटना में मीडिया से बात करते हुए शांभवी चौधरी ने स्पष्ट कहा कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने कहा, तेजस्वी यादव शपथ लेने की बात कर रहे हैं, लेकिन अब परिणाम आने में बस कुछ ही घंटे बाकी हैं। मेरा मानना है कि 14 नवंबर को पूरा देश देखेगा कि कौन सरकार बनाएगा और कौन केवल दावे करता रह जाएगा।
शांभवी चौधरी ने आगे कहा कि बिहार की जनता ने विकास, स्थिरता और सुशासन के लिए वोट दिया है। नीतीश कुमार की छवि आज भी एक ऐसे नेता की है जो जनता के बीच भरोसे का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, 2005 से लेकर आज तक नीतीश कुमार ने जिस तरह से बिहार की तस्वीर बदली है, वह अपने आप में मिसाल है।
नीतीश कुमार अब भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं
‘टाइगर जिंदा है’ वाले पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए शांभवी चौधरी ने कहा कि यह जदयू कार्यकर्ताओं की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार केवल एक पोस्टर का चेहरा नहीं हैं, बल्कि वे बिहार की जनता के दिलों में बसते हैं। उन्होंने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी है, यही वजह है कि आज महिलाएं पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर और सशक्त महसूस कर रही हैं।
अब बिहार में बूथ नहीं लूटे जाते, वोट से बनती है सरकार
शांभवी चौधरी ने अपने बयान में कहा कि अब बिहार में वह दौर नहीं रहा जब बूथ लूटे जाते थे। आज बिहार में लोकतंत्र मज़बूत हुआ है और जनता के वोट से सरकार बनती है। उन्होंने कहा कि रैली कौन कितनी करता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। तेजस्वी यादव केवल चुनाव के वक्त दिखते हैं, जबकि एनडीए के नेता पीएम मोदी, नीतीश कुमार और चिराग पासवान सालभर जनता के बीच रहकर काम करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि एनडीए की पहचान जनता से जुड़ाव और निरंतर प्रयास में है। हम केवल चुनाव के समय नहीं, हर दिन जनता के साथ रहते हैं। 24 घंटे का वक्त है, अब देखिए कि 14 नवंबर को कौन शपथ लेता है एनडीए या महागठबंधन।

