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बंगाल चुनाव में ममता का बड़ा दांव! TMC की 291 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, नंदीग्राम से दूरी- भवानीपुर से उतरेंगी मैदान में

Mamata's Big Gamble in Bengal Elections! List of 291 Candidates Released; Steers Clear of Nandigram—to Contest from Bhabanipur.

द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए 291 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद इस सूची का ऐलान किया और आगामी चुनाव में बड़ी जीत का दावा किया।

ममता बनर्जी इस बार भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी। गौरतलब है कि 2021 में वह नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गई थीं, जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी। इस बार उन्होंने नंदीग्राम से दूरी बनाते हुए नई रणनीति अपनाई है। ममता ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि TMC इस बार 226 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी और फिर से सत्ता में वापसी करेगी।

नंदीग्राम में नया चेहरा, 3 सीटें सहयोगी दल को

टीएमसी ने नंदीग्राम सीट से पवित्रा कार्केई को उम्मीदवार बनाया है, जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए हैं। पवित्रा पहले विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते थे और 2021 के चुनाव में उनकी जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा, पार्टी ने दार्जिलिंग क्षेत्र की तीन सीटें कालिम्पोंग, कर्सियोंग और दार्जिलिंग अनित थापा के नेतृत्व वाली बीजीपीएम (BGPM) के लिए छोड़ दी हैं। यह कदम क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

उम्मीदवारों की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। चंद्रिमा भट्टाचार्य को दमदम उत्तर, मदन मित्रा को कमरहाटी, फिरहाद हकीम को कोलकाता पोर्ट, कुणाल घोष को बेलेघाटा, डॉ. शशि पांजा को श्यामपुकुर और ज्योतिप्रियो मल्लिक को हाबरा सीट से टिकट दिया गया है। अभिषेक बनर्जी ने बताया कि इस बार पार्टी ने सामाजिक संतुलन का खास ध्यान रखा है। 291 उम्मीदवारों में 52 महिलाएं, 95 अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग और 47 अल्पसंख्यक समुदाय से उम्मीदवार शामिल किए गए हैं।

टीएमसी की यह सूची साफ संकेत देती है कि पार्टी अनुभव और नए चेहरों के संतुलन के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी और अन्य दल इस रणनीति का कैसे मुकाबला करते हैं।

यह भी पढ़ें : जेडीयू से दूरी या नई सियासी शुरुआत? केसी त्यागी बोले – 50 साल साथ रहा, नीतीश से रिश्ता टूटा नहीं

Team The Loktantra

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