द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं, वहीं उनके बेटे निशांत कुमार ने पहली बार सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर लिया है। परिवारवाद से दूरी बनाए रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे का राजनीति में आना अपने आप में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
रविवार, 8 मार्च को निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसी दौरान निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
इंजीनियरिंग में स्नातक निशांत कुमार ने पार्टी में शामिल होने के बाद कहा कि वह संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। जदयू कार्यालय में उनके आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और पार्टी के झंडों के साथ कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में नारे लगाए। पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार से मिलने भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उन्हें मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जो बिहार की राजनीति में एक नई पीढ़ी के आगमन का संकेत दे रही हैं।
राज्यसभा की ओर नीतीश कुमार, निशांत को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
निशांत कुमार ने अपने पिता के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और परिवार व पार्टी के सभी लोग उसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता के मार्गदर्शन में काम करते रहेंगे और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस बीच बिहार की राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें भी तेज हो गई हैं। चर्चा है कि नई सरकार के गठन के बाद निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। कुछ राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी विचार हो रहा है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। हरनौत से जदयू विधायक हरि नारायण सिंह ने दावा किया है कि निशांत कुमार को जल्द ही बिहार विधान परिषद का सदस्य चुना जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि अगले महीने उन्हें विधान परिषद में भेजा जाएगा, जिसके बाद वे राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव जदयू के भीतर नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति में निशांत कुमार की भूमिका किस तरह आकार लेती है।

