Advertisement Carousel
Politics

आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक से पहले सियासी हलचल तेज, तेजस्वी यादव को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Political activity intensifies ahead of RJD's national executive meeting; Tejashwi Yadav may be given a major responsibility.

द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक रविवार, 25 जनवरी को पटना के होटल मौर्य में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक को पार्टी के भविष्य और नेतृत्व संरचना के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह आरजेडी में नेतृत्व की नई दिशा और पीढ़ीगत बदलाव का संकेत होगा।

इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत देशभर से आए कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों, संगठनात्मक विस्तार और विपक्षी रणनीति को लेकर भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

कर्पूरी ठाकुर जयंती पर तेजस्वी का तीखा हमला

राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक से ठीक एक दिन पहले, शनिवार 24 जनवरी को तेजस्वी यादव पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई। इस मौके पर उन्होंने बिहार सरकार और सत्ताधारी दलों पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का सपना आज भी अधूरा है और आने वाले समय में आरजेडी की प्राथमिकता उस सपने को पूरा करना होगी।

उन्होंने बिहार की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य गरीबी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर देश में सबसे निचले पायदान पर खड़ा है। न यहां कारखाने हैं, न उद्योग। मजदूर बदहाल हैं, किसान तबाह हैं, लेकिन सरकार को इन समस्याओं की कोई चिंता नहीं है, तेजस्वी ने कहा।

‘लोकतंत्र में लोक हारा, तंत्र जीता’

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया और मौजूदा सत्ता व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 20 वर्षों से वही ताकतें सत्ता में हैं, जो कभी कर्पूरी ठाकुर जैसे समाजवादी नेताओं का अपमान करती थीं। तेजस्वी के शब्दों में, “लोकतंत्र में लोक हार गया है और तंत्र जीत गया है। जनतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर करने और समाज में भाईचारा तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। तेजस्वी ने यह भी कहा कि तमाम संसाधन और पूरा सिस्टम सत्ता पक्ष के साथ होने के बावजूद आरजेडी को करीब एक करोड़ 90 लाख वोट मिले, जो यह दर्शाता है कि बिहार की बड़ी आबादी सरकार से असंतुष्ट है।

100 दिन की मोहलत और सरकार से मांगें

तेजस्वी यादव ने कहा कि आरजेडी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार बनने के बाद शुरुआती 100 दिनों तक वे कोई बड़ा हमला नहीं करेंगे। लेकिन अब सरकार को अपने वादों पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने मांग की कि महिलाओं के लिए घोषित आर्थिक सहायता सीधे खातों में भेजी जाए, रोजगार और एक करोड़ नौकरियों के वादे को जमीन पर उतारा जाए और हर जिले में उद्योग-धंधे स्थापित किए जाएं। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि जिस घोषणा पत्र को सत्ता पक्ष ने कुछ सेकंड में खारिज कर दिया था, अब उसी घोषणा पत्र की हर बात को लागू करना उनकी जिम्मेदारी है।

आरजेडी की यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक सिर्फ संगठनात्मक बदलाव तक सीमित नहीं मानी जा रही है। तेजस्वी यादव को यदि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह साफ संकेत होगा कि पार्टी आने वाले चुनावों में उन्हें केंद्रीय चेहरा बनाकर आगे बढ़ना चाहती है। बिहार की राजनीति में इस बैठक के फैसलों का असर दूरगामी माना जा रहा है, जिस पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Rahul Gandhi
Politics

PM मोदी के बयान पर राहुल बोले – आप हमें जो चाहें बुलाएं, लेकिन हम INDIA हैं

द लोकतंत्र : पीएम मोदी ने विपक्षी दलों के गठबंधन का INDIA नाम रखने पर कहा कि विपक्ष का गठबंधन
Amit Shah in Parliament
Politics

अमित शाह ने मल्लिकार्जुन खरगे को चिट्ठी लिखकर मणिपुर पर चर्चा के लिए सहयोग माँगा

द लोकतंत्र : मणिपुर मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी है। अमित शाह ने चिट्ठी लिखकर