द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में जन सुराज अभियान के तहत हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रशांत किशोर ने मधेपुरा में प्रेस वार्ता करते हुए राज्य की नई सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम के बाद जन सुराज की ओर से यह निर्णय लिया गया था कि नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा।
प्रशांत किशोर ने बताया कि पश्चिम चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिवसीय उपवास के दौरान यह रणनीति तय की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय समय में अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती है, तो “बिहार नवनिर्माण अभियान” के तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता से संवाद करेंगे और वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करेंगे।
संगठन विस्तार और नीतीश कुमार पर निशाना
मधेपुरा के कॉलेज चौक स्थित एक कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि वह आने वाले पांच वर्षों में पूरे बिहार में संगठन को मजबूत करने के लिए हर जिले का दौरा कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जन सुराज ने पहले ही यह दावा किया था कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं बने रहेंगे। उन्होंने उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल है।
प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव में मिला समर्थन “जनता का वास्तविक जनादेश” नहीं, बल्कि “प्रबंधित बहुमत” है, जिसे पैसे के जरिए प्रभावित किया गया। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं को आर्थिक प्रलोभन देकर वोट हासिल किए गए, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
महिला आरक्षण और केंद्र सरकार पर सवाल
प्रशांत किशोर ने संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि यह वर्षों से चर्चा में रहा है और सभी राजनीतिक दल इस पर सहमत हैं। उनके अनुसार, मौजूदा समय में विशेष सत्र बुलाना एक ‘पीआर एक्सरसाइज’ अधिक प्रतीत होता है, खासकर उन राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए जहां महिलाओं को साधने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक दल को इसका श्रेय लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक सामूहिक सहमति का परिणाम है जो पहले से ही बन चुकी थी।

