द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : केरल के सबरीमाला मंदिर में कथित सोना चोरी मामले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस विधायक रमेश चेन्निथला ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर लगाए गए आरोपों को ‘पूरी तरह बेतुका और निराधार’ करार दिया है। चेन्निथला ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सीपीएम की भूमिका संदिग्ध है और राज्य सरकार सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
चेन्निथला का पलटवार: CPM के नेता जेल में, फिर आरोप क्यों?
मीडिया से बातचीत में रमेश चेन्निथला ने कहा कि सबरीमाला गोल्ड चोरी मामले में सीपीएम के तीन नेता पहले ही जेल में हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का इसे राजनीतिक साजिश बताना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी के अपने नेता जेल में हैं, तो सीपीएम ने उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। चेन्निथला ने कहा कि इससे साफ होता है कि मामले को राजनीतिक रंग देकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है।
CBI जांच की मांग, राज्य सरकार पर संरक्षण का आरोप
कांग्रेस विधायक ने इस पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीतिक संरक्षण साफ दिखाई दे रहा है और अगर निष्पक्ष जांच हुई तो और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। चेन्निथला ने आरोप लगाया कि सीपीएम और राज्य सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में है और सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आरोप लगाया था कि सबरीमाला गोल्ड चोरी के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी की सोनिया गांधी से मुलाकात कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश के साथ आरोपी की नजदीकियों का जिक्र करते हुए कहा था कि इतनी उच्च सुरक्षा वाली नेता से मुलाकात यूं ही संभव नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर किस हैसियत से और किस निमंत्रण पर ये मुलाकात हुई।
केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भी इस मामले में सोनिया गांधी को जांच के दायरे में लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी का बयान इस पूरे मामले में निर्णायक हो सकता है और साजिश की परतें तभी खुलेंगी जब सभी संबंधित लोगों से पूछताछ होगी।
क्या है सबरीमाला गोल्ड चोरी मामला?
सबरीमाला गोल्ड विवाद 1998 में उद्योगपति विजय माल्या द्वारा दिए गए 30.3 किलो सोना और 1,900 किलो तांबे के दान से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल मंदिर के गर्भगृह और लकड़ी की नक्काशी के स्वर्ण आवरण के लिए किया जाना था। आरोप है कि इस प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं।
मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को विशेष जांच टीम (SIT) ने हिरासत में लिया है और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड से जुड़े दस्तावेजों में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है। इस मामले ने केरल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में जांच तथा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

