द लोकतंत्र/ पटना : पटना में जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने एक बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनके खिलाफ भी साजिशें रची जाती हैं और यहां तक कि उनकी हत्या कराने की बातें भी होती हैं। यह टिप्पणी उन्होंने पूर्णिया सांसद Rajesh Ranjan को मिली जान से मारने की धमकियों के संदर्भ में की। आईएएनएस से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा कि पप्पू यादव को जमानत मिलना अच्छी बात है और अब उन्हें विवादों से दूर रहकर जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का असली दायित्व जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है। तेज प्रताप ने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक जीवन में आरोप-प्रत्यारोप और साजिशें नई बात नहीं हैं, लेकिन नेताओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
राजनीति में साजिशें आम हैं, कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव ने कहा कि राजनीति में सक्रिय रहने वाले नेताओं के खिलाफ तरह-तरह की योजनाएं बनाई जाती हैं। उनके मुताबिक, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक कड़वा पक्ष है, जिसका सामना हर सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति को करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ भी कई बार भ्रामक बातें फैलाई गईं और उन्हें निशाना बनाने की कोशिश हुई।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि वे लंबे समय से बिना ठोस आधार के बयान देते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमिताभ दास ने पहले भी उनके खिलाफ गलत दावे किए थे, जिनका कोई प्रमाण सामने नहीं आया। अब जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें भी उन्होंने बेबुनियाद बताया और सरकार की कार्रवाई को उचित ठहराया।
वहीं, बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर तेज प्रताप ने कहा कि राज्य में स्थिति को और बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के संदर्भ में कहा कि वे युवा नेता हैं और प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हालात सुधारने के लिए और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में सुरक्षा, साजिश और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे मुद्दे फिर से चर्चा में आ गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में इन मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।

