द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग पर जोरदार हमला बोला। गंगासागर में मुरिगंगा नदी पर बनने वाले गंगानगर सेतु के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ‘व्हाट्सऐप से चलाया जा रहा है’ और इस तरह की कार्यप्रणाली लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन जिस तरह से चुनाव आयोग फैसले ले रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि एक दिन ऐसा चुनाव आयोग खुद ही खत्म हो जाएगा। ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज हो चुका है।
SIR अभियान को बताया ‘बंगाल को परेशान करने की साजिश’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान के दौरान गंभीर मानवीय समस्याएं सामने आई हैं।
अभिषेक बनर्जी पहले ही दावा कर चुके हैं कि SIR अभ्यास के दौरान 45 लोगों की मौत हो चुकी है, छह लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं और 29 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पार्टी द्वारा उठाए गए बुनियादी सवालों का जवाब देने में विफल रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि जब नीतियां और निर्देश व्हाट्सऐप जैसे अनौपचारिक माध्यमों से जारी हों, तो निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने और बुजुर्गों को नोटिस पर सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम मनमाने तरीके से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, कुछ लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर आने को मजबूर हैं और गर्भवती महिलाओं को भी बुलाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने सवाल किया कि जो लोग दशकों से इस देश में रह रहे हैं, क्या उन्हें अब भी यह साबित करना पड़ेगा कि वे भारत के नागरिक और मतदाता हैं?
उन्होंने कहा कि बंगाल ने कभी सिर नहीं झुकाया और आगे भी किसी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही अशांति फैलाने और झूठे सवाल खड़े करने की कोशिशें तेज हो जाती हैं।
‘बंगाल’ की पहचान विविधता और एकता
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल वह भूमि है जहां कोई मंदिर में पूजा करता है, कोई मस्जिद में नमाज पढ़ता है और कोई गुरुद्वारे में अरदास करता है। यही बंगाल की असली पहचान है, जिसे कमजोर करने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।
इस कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने गंगानगर सेतु परियोजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुरिगंगा नदी पर बनने वाला यह आधुनिक पुल लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा और इसे अगले दो से तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह सेतु गंगासागर क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम साबित होगा।

