द लोकतंत्र/ पटना : बिहार चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सियासत चरम पर पहुंच गई। महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव और एनडीए की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच तीखे बयानबाज़ी का दौर देखने को मिला। आखिरी चरण के मतदान से पहले दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर वार किए और अपने-अपने गठबंधनों की जीत का दावा किया।
इस बार बिहार की जनता बदलाव के लिए वोट कर चुकी है – तेजस्वी
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि इस बार बिहार की जनता बदलाव के लिए वोट कर चुकी है और 11 नवंबर को इसका नतीजा स्पष्ट दिखाई देगा। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देने जा रही है। तेजस्वी ने कहा, पूरे बिहार की जनता माहौल बना चुकी है। इस बार बदलाव तय है। जो लोग जनता का हक खा गए, उन्हें बिहार का जनादेश जवाब देगा।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और NDA सरकार ने बिहार के आरक्षण हक को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, हमारी 17 महीने की सरकार में 65% आरक्षण दिया गया था, प्रधानमंत्री ने जनता का अधिकार छीन लिया। प्रधानमंत्री बिहार के भविष्य पर बात क्यों नहीं करते? पढ़ाई, दवाई, कमाई और सिंचाई पर जवाब क्यों नहीं देते?
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यहीं नहीं रुके, उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। तेजस्वी का आरोप है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं और चुनाव आयोग को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता पूरी तरह उनके साथ है और महागठबंधन प्रचंड जीत हासिल करेगा।
चारा और अलकतरा घोटाले में डूबे लोग साफ-सुथरी सरकार पर आरोप लगा रहे – सम्राट
उधर, तेजस्वी यादव के इन आरोपों का जवाब देते हुए बिहार के डिप्टी सीएम और BJP नेता सम्राट चौधरी ने पलटवार किया। सम्राट चौधरी ने तेजस्वी और उनके पिता लालू यादव पर पुरानी राजनीतिक विरासत को मुद्दा बनाते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा, जो लोग चारा और अलकतरा घोटाले में डूबे रहे, वो आज साफ-सुथरी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। लालू यादव ने महिला आरक्षण बिल को फाड़ा था, ये देश नहीं भूल सकता। BJP ने हमेशा आरक्षण दिया है और आगे भी देती रहेगी।
सम्राट चौधरी ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता NDA के काम को पहचानती है और राज्य में फिर से NDA की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेता सिर्फ आरोप लगाना जानते हैं जबकि BJP विकास के वादे पर काम कर रही है।
जैसे-जैसे चुनाव अपने अंतिम चरण में पहुंचा है, दोनों पक्षों की तीखी बयानबाज़ी ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि बिहार बदलाव चुनता है या NDA को एक बार फिर मौका देता है।

