द लोकतंत्र : 29 नवंबर 2025 का ग्रह गोचर मानवीय मन और भावनाओं पर एक सुंदर दोहरा प्रभाव डाल रहा है। दिन की शुरुआत में कुंभ राशि में स्थित चंद्रमा हमारी सोच को तेज, व्यावहारिक (Practical) और दूरदर्शी बनाएगा, जिससे योजनाएँ बनाना और सामाजिक संवाद स्थापित करना आसान होगा। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही चंद्रदेव मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे वातावरण में एक नरम ऊर्जा का संचार होगा। यह ऊर्जा हीलिंग, करुणा और मन की आवाज़ (Intuition) को मज़बूत करेगी। वृश्चिक में स्थित अन्य ग्रहों का योग भावनात्मक गहराई को बढ़ाएगा, जिससे सतही चीज़ों से हटकर वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित होगा।
वक्री ग्रहों का धैर्य और मार्गदर्शन
इस दिन वक्री गुरुदेव (Retrograde Jupiter) और वक्री शनि देव (Retrograde Saturn) की उपस्थिति महत्वपूर्ण है।
- आत्म-चिंतन का समय: ये ग्रह हमें सोच-समझकर फैसला लेने और धैर्य रखने की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं। वक्री शनिदेव पुरानी जिम्मेदारियों और सीमाओं पर फिर से विचार करने का समय देते हैं, जबकि वक्री गुरुदेव हमें अतीत के अनुभवों से सीखने और निर्णयों पर पुनर्विचार करने को कहते हैं।
ऐसे में, जल्दबाजी में लिए गए फैसले विपरीत परिणाम दे सकते हैं। धीमे होकर और गहन चिंतन के साथ कदम उठाना ही लाभकारी होगा।
प्रमुख राशियों पर गोचर का प्रभाव
- मेष (ARIES)
सुबह की एक्टिव एनर्जी सहकर्मियों से नए विचार लाने में सहायक होगी। दोपहर बाद भावनात्मक शांति मिलेगी और पुरानी चिंताएँ कम होंगी। प्यार से बात करने पर रिश्तों में सुधार आएगा।
- सिंह (LEO)
आज रिश्ते प्राथमिकता पर रहेंगे। सुबह की बातचीत में सच बोलना आसान होगा। दोपहर बाद भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा, खासकर किसी खास व्यक्ति से। प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति ही आज आपकी ताकत है।
- कन्या (VIRGO)
सुबह फोकस की मदद से रोजमर्रा के काम पूरे होंगे। दिन चढ़ने के साथ रिश्तों में समझ बढ़ेगी। पैसे से जुड़े फैसले लेने से पहले गहन चिंतन करें।
- मीन (PISCES)
चंद्रमा का आपकी राशि में आना एक अत्यंत सकारात्मक योग है। इससे आपका आत्मविश्वास और अंतर्ज्ञान चरम पर रहेगा। बिना ज्यादा सोचे भी सही महसूस कर पाना आज आपकी सबसे बड़ी ताकत है। कोई अटका हुआ काम आज आगे बढ़ सकता है।
29 नवंबर 2025 का यह दिन हमें गति और धीरज के बीच एक संतुलन बनाने का संदेश देता है। सुबह की कुंभ ऊर्जा का उपयोग योजना बनाने में करें और दोपहर की मीन ऊर्जा का उपयोग आत्म-चिंतन और हीलिंग में करें। अंतर्ज्ञान पर भरोसा करना और अनावश्यक जोखिम से बचना ही आज की सबसे बड़ी सफलता की कुंजी होगी।

