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Blood Moon 2026: 3 मार्च को आसमान में दिखेगा ‘ब्लड मून’; जानें होली पर चंद्र ग्रहण का साया और इन 4 राशियों पर असर

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द लोकतंत्र : 3 मार्च 2026 की रात बेहद खास होने वाली है। इस रात आसमान में ‘रक्तचंद्रिका’ यानी ब्लड मून (Blood Moon) का नजारा दिखेगा। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के ठीक बीच में आ जाएगी, तो चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में छिप जाएगा और गहरे लाल रंग का चमकता हुआ दिखाई देगा।

होलिका दहन के शुभ अवसर पर लगने वाला यह पूर्ण चंद्र ग्रहण न केवल एक खगोलीय घटना है, बल्कि ज्योतिष की दृष्टि से भी बहुत शक्तिशाली माना जा रहा है।

क्यों खास है 3 मार्च का ‘ब्लड मून’?

यह चंद्र ग्रहण 17 फरवरी को हुए सूर्य ग्रहण के ठीक बाद लग रहा है, जो एक तीव्र ‘ग्रहण चक्र’ को पूरा करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से टकराकर चंद्रमा पर पड़ती हैं, तो वह तांबे जैसा लाल दिखने लगता है। वहीं ज्योतिषियों का मानना है कि यह समय ‘नियंत्रण छोड़ने’ और ‘बदलाव को स्वीकार करने’ का प्रतीक है।

मानसिक सेहत पर पड़ सकता है असर

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान मानवीय भावनाएं बहुत तेज हो जाती हैं। इस समय लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं (Overthinking) और खुद पर शक करने लगते हैं। कन्या राशि में लग रहा यह ग्रहण हमें हर चीज को ‘परफेक्ट’ करने के लिए उकसाता है, जो मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। ऐसे में ‘मीन राशि’ की ऊर्जा हमें सिखाती है कि हर चीज हमारे नियंत्रण में नहीं होती, इसलिए वक्त के बहाव के साथ चलना ही बेहतर है।

इन 4 राशियों पर होगा सबसे ज्यादा असर

1. कन्या राशि (Virgo): यह ग्रहण आपकी ही राशि में लग रहा है, इसलिए सबसे ज्यादा असर आप पर ही होगा। यह आपके किसी पुराने कर्मा या व्यक्तिगत अध्याय के खत्म होने का संकेत है। खुद पर ज्यादा दबाव न डालें और अपने आत्म-सम्मान को पहचानें।

2. मीन राशि (Pisces): मीन राशि वालों के लिए यह समय आध्यात्मिकता को असल फैसलों से जोड़ने का है। ग्रहण आपको प्रेरित करेगा कि आप अपनी आस्था के साथ-साथ ठोस कदम भी उठाएं।

3. मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि के जातकों के बातचीत करने के तरीके और पुराने विश्वासों में बदलाव आ सकता है। रिश्तों में पुरानी मान्यताओं को छोड़कर नई शुरुआत करने का यह सही समय है।

4. धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि वालों के लिए यह ‘ब्लड मून’ उनकी साझेदारियों और दार्शनिक सोच पर असर डालेगा। अपनी पार्टनरशिप और काम करने के तरीकों पर दोबारा नजर डालने की जरूरत पड़ सकती है।

ग्रहण के साये में कैसे मनाएं होली?

3 मार्च को होलिका दहन के दिन ग्रहण का साया होने के कारण सूतक काल के नियमों का पालन करना जरूरी है। ज्योतिषियों की सलाह है कि ग्रहण की समाप्ति (शाम 06:46 बजे) के बाद ही शुद्धिकरण करके होलिका पूजन करें। ग्रहण के दौरान शांत रहें, ध्यान लगाएं और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की कोशिश करें।

यह ब्लड मून हमें पुराने को छोड़कर नए को अपनाने का संदेश दे रहा है। खगोलीय सुंदरता का आनंद लें, लेकिन अपनी मानसिक शांति का भी पूरा ख्याल रखें।

Team The Loktantra

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