द लोकतंत्र : आज 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। घर-घर में कलश स्थापना के साथ माता दुर्गा के पहले स्वरूप ‘मां शैलपुत्री’ की पूजा की जा रही है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार ‘अखंड ज्योत’ जलाते हैं। मान्यता है कि यह ज्योत नौ दिनों तक बिना रुके जलती रहनी चाहिए, क्योंकि इसे साक्षात देवी मां की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है।
लेकिन अक्सर भक्तों के मन में एक डर होता है कि अगर हवा या किसी और वजह से यह ज्योत बुझ जाए, तो क्या कुछ अशुभ होगा? आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम इसी शंका को दूर करेंगे।
अगर अखंड ज्योत बुझ जाए, तो घबराएं नहीं
अखंड ज्योत का अचानक बुझ जाना कई बार भक्तों को डरा देता है। उन्हें लगता है कि माता रानी उनसे नाराज हो गई हैं, लेकिन ऐसा सोचना गलत है। अगर अनजाने में ज्योत बुझ जाए, तो ये कदम उठाएं:
- मन को शांत रखें: सबसे पहले अपने मन से किसी भी तरह की अनहोनी के डर को बाहर निकाल दें। ईश्वर भाव के भूखे होते हैं, न कि छोटी-मोटी गलतियों के।
- क्षमा प्रार्थना करें: हाथ जोड़कर मां भगवती का ध्यान करें और उनसे अपनी भूल के लिए क्षमा मांगें।
- पुनः आवाहन: माता रानी से प्रार्थना करें कि “हे मां, आप इस ज्योति में फिर से विराजमान हों और अपनी कृपा बनाए रखें।” इसके बाद शुद्ध मन से ज्योत को दोबारा जला लें।
- पछतावा न करें: याद रखें, जहां भक्ति होती है वहां डर की जगह नहीं होती। माता अपने बच्चों का हमेशा भला ही करती हैं।
क्यों जलाई जाती है नौ दिन की अखंड ज्योत?
अखंड ज्योत जलाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक संकेत छिपे हैं:
- अंधकार का नाश: यह ज्योत इस बात का संकेत है कि आपके घर और जीवन से अज्ञानता का अंधेरा दूर हो रहा है।
- सकारात्मक ऊर्जा: नौ दिनों तक लगातार जलने वाली लौ घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार करती है और वास्तु दोषों को कम करती है।
- ज्ञान का प्रतीक: इसे ज्ञान और चेतना का प्रतीक माना गया है। यह हमें सिखाती है कि जीवन की लौ को भक्ति के साथ निरंतर जलाए रखना चाहिए।
अखंड ज्योत के जरूरी नियम
अगर आपने भी अखंड ज्योत जलाई है, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
- ज्योत को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें, इसे किसी स्टैंड या ऊंचे स्थान पर रखें।
- हवा के झोंकों से बचाने के लिए कांच का कवर (Chimney) इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।
- समय-समय पर घी या तेल डालते रहें और बत्ती को धीरे से ऊपर बढ़ाते रहें ताकि वह बुझने न पाए।
नवरात्रि का पर्व आस्था और विश्वास का है। अखंड ज्योत जलाते समय नियमों का पालन जरूर करें, लेकिन अगर कोई चूक हो जाए तो घबराने के बजाय माता पर विश्वास रखें। वह दयामयी हैं और आपकी सच्ची भक्ति को जरूर स्वीकार करेंगी।

