द लोकतंत्र : आज 20 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। आज का दिन माता के ‘ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है, जो तप और शांति का प्रतीक हैं। नवरात्रि के इन नौ दिनों में भक्त अपने घरों और मंदिरों में अखंड ज्योत जलाकर शक्ति की उपासना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों और वास्तु के अनुसार, मंदिर के अलावा भी घर के कुछ खास स्थान ऐसे हैं जहाँ दीया जलाना साक्षात माता रानी को आमंत्रित करने जैसा है?
आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे उन 5 पवित्र जगहों के बारे में, जहाँ नवरात्रि के दौरान दीपक जलाने से आपके घर में खुशहाली और बरकत कई गुना बढ़ सकती है।
1. घर का मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance)
हिंदू धर्म में घर के मुख्य द्वार को ‘शुभता का द्वार’ माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक रोज शाम को सूर्यास्त के बाद अपने मुख्य द्वार के दाईं ओर घी या तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बाहर ही रुक जाती है और माता रानी का घर में प्रवेश होता है।
2. तुलसी का क्यारा (Tulsi Plant)
तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि के दौरान रोजाना शाम को तुलसी के पास दीपक रखने से घर का वास्तु दोष दूर होता है। यह घर के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ाता है और आर्थिक तंगी को दूर करने में मदद करता है।
3. घर की रसोई (Kitchen)
रसोईघर का वह हिस्सा है जहाँ माता अन्नपूर्णा का वास होता है। नवरात्रि की रातों में रसोई में एक छोटा दीया जलाकर रखने से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती। यह परिवार की सेहत के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है।
4. तिजोरी या धन रखने का स्थान
जहाँ आप अपनी मेहनत की कमाई या जेवर रखते हैं, उस अलमारी या तिजोरी के पास नवरात्रि में दीया जलाना अत्यंत फलदायी है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी और देवी दुर्गा की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है और बेवजह के खर्चों पर लगाम लगती है।
5. घर का आंगन (Brahmasthan)
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के बीचों-बीच यानी आंगन में दीया जलाने से पूरे घर में सकारात्मकता का संचार होता है। यदि आपके घर में अक्सर तनाव या कलह रहती है, तो इन नौ दिनों में आंगन में दीपक जलाकर देखें, इससे मन और घर दोनों में शांति बनी रहेगी।
दीया जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
- स्वच्छता: जिस स्थान पर दीया जला रहे हैं, वहाँ साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
- दिशा: कोशिश करें कि दीये की लौ उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो।
- शुद्धता: दीये के लिए शुद्ध घी या साफ तेल (जैसे तिल या सरसों का तेल) का ही इस्तेमाल करें।
नवरात्रि का पर्व केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने परिवेश को शुद्ध और ऊर्जावान बनाने का भी समय है। इन 5 स्थानों पर दीप दान करके आप अपनी भक्ति को और भी गहरा कर सकते हैं और माता रानी की असीम कृपा पा सकते हैं।

