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साल का पहला शुक्रवार आज; लक्ष्मी कृपा और आर्थिक समृद्धि के लिए ज्योतिषियों ने बताए 5 अचूक महाउपाय

The loktnatra

द लोकतंत्र : कैलेंडर वर्ष 2026 के प्रथम सप्ताह का शुक्रवार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सनातन परंपरा में शुक्रवार का दिन भौतिक सुख, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी को समर्पित है। ज्योतिषविदों का मत है कि वर्ष के प्रारंभिक शुक्रवार को किए गए अनुष्ठान आगामी 365 दिनों के लिए न केवल आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, अपितु कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति को भी बलवती बनाते हैं। आज 2 जनवरी को संपूर्ण भारत में श्रद्धालु विशेष पूजन विधियों के माध्यम से दरिद्रता नष्ट करने का संकल्प ले रहे हैं।

श्रीयंत्र और कनकधारा: धन आकर्षण का प्राचीन विज्ञान

श्रीयंत्र को साक्षात महालक्ष्मी का यंत्रवत स्वरूप माना गया है। आज के दिन इसका अभिषेक विशेष फलदायी होता है।

  • श्रीयंत्र अभिषेक: पवित्र गंगाजल और दुग्ध से श्रीयंत्र का अभिषेक करने से वास्तु दोषों का शमन होता है। मान्यता है कि जिस घर में श्रीयंत्र जाग्रत अवस्था में होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश वर्जित हो जाता है।
  • कनकधारा स्तोत्र: आदि शंकराचार्य रचित ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करना या श्रवण करना आर्थिक अवरोधों को हटाने का सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। यह स्तोत्र आकाश से स्वर्ण वर्षा कराने की क्षमता रखता है, ऐसी आध्यात्मिक मान्यता है।

पंच महाउपाय: सुख-समृद्धि के निर्धारित मानक

ज्योतिष विशेषज्ञों ने पांच ऐसे कृत्यों को चिह्नित किया है जो आज के दिन अनिवार्य हैं:

  • श्वेत नैवेद्य एवं कमल: महालक्ष्मी को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है। खीर, मिश्री या माखन का भोग लगाकर कमल का पुष्प अर्पित करने से शुक्र ग्रह अनुकूल होता है, जिससे जीवन में विलासिता बढ़ती है।
  • देहलीज पर दीपक: शाम के समय मुख्य द्वार पर गाय के घी का दीपक, जिसमें इलायची या केसर हो, जलाने से अथाह सकारात्मकता का संचार होता है।
  • कन्या पूजन: 7 या 11 कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लेना साक्षात लक्ष्मी के आशीर्वाद के तुल्य है। यह सामाजिक समरसता और धार्मिक श्रद्धा का संगम है।

निष्कर्षतः, वर्ष 2026 का प्रथम शुक्रवार स्वयं को अनुशासित करने और ईश्वरीय शक्ति के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है। उपरोक्त महाउपाय न केवल आर्थिक दरिद्रता को मिटाते हैं, बल्कि एक संतुलित और ऐश्वर्यशाली जीवन की नींव भी रखते हैं। यदि पूर्ण विश्वास के साथ इन विधियों का अनुपालन किया जाए, तो नया साल निश्चित ही समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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