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Jaya Kishori Quotes: जीवन में Success पाने के लिए हर दिन अपनाएं जया किशोरी के ये 5 प्रेरक विचार, ऐसे बनें खुद का सहारा

The loktnatra

द लोकतंत्र : जीवन के भागदौड़ भरे सफर में हर व्यक्ति मानसिक शांति (Mental Peace) और सफलता (Success) की तलाश में है। आधुनिक दौर में, कथावाचक और प्रेरक वक्ता जया किशोरी जी के प्रेरणादायक विचार (Inspirational Thoughts) लाखों लोगों के लिए एक नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का स्रोत बन गए हैं। उनके शब्द केवल धार्मिक उपदेशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यवहारिक जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, विश्वास और आत्म-निर्भरता बनाए रखने का मार्गदर्शन करते हैं।

जया किशोरी जी के विचार सिखाते हैं कि हर सुबह की शुरुआत सकारात्मक सोच (Positive Thinking) से करना हमारे पूरे दिन को सुंदर और शांत बना देता है। जब मन हल्का और ऊर्जा से भरा होता है, तो जीवन की सबसे बड़ी चुनौती भी एक अवसर लगने लगती है।

सच्चा बड़प्पन: शब्दों में नहीं, कर्मों में

जया किशोरी जी का मानना है कि सच्चा बड़प्पन (True Greatness) केवल शब्दों या दिखावे में नहीं होता, बल्कि वह हमारे कर्मों (Actions) में दिखाई देता है। उनका यह प्रेरक विचार आत्म-महिमा से दूर रहने की सीख देता है:

“सच्चा बड़प्पन शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में दिखाई देता है, जब हम काम करें और दुनिया खुद हमारी सराहना करे।”

यह विचार हमें सिखाता है कि हमें प्रशंसा के लिए नहीं, बल्कि ईमानदारी से काम करते रहने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि हमारा कर्म ही हमारी असली पहचान है।

असली जीत: गिरकर उठने का साहस

जीवन में असफलताएँ (Failures) आना स्वाभाविक है, लेकिन जया किशोरी जी असफलता को अंतिम सत्य मानने से रोकती हैं। वे कहती हैं कि:

“जीवन में कभी भी गिरना बुरा नहीं होता, लेकिन गिरकर दोबारा उठने का साहस ही असली जीत है।”

यह कथन हमें सिखाता है कि किसी भी मुश्किल दौर में खुद का सहारा बनना (Self-Reliance) सबसे महत्वपूर्ण है, न कि दूसरों के सहारे की प्रतीक्षा करना। हर दिन को एक नया अवसर मानकर अपनी छोटी-छोटी जीतों का जश्न मनाना चाहिए।

आत्मविकास और ईश्वर की परीक्षा

आत्मविकास (Self-Development) को जीवन का मुख्य उद्देश्य बताते हुए जया किशोरी जी कहती हैं कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है। साथ ही, वे चुनौतियों को ईश्वर का आशीर्वाद मानती हैं:

  • सीखना ही आत्मविकास का मार्ग है। हमें हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश करनी चाहिए।
  • ईश्वर हमें परेशान नहीं करते, वे केवल हमारी परीक्षा लेते हैं ताकि हम और मजबूत बन सकें।

यह दृष्टिकोण हमें कठिन समय में धैर्य (Patience) और दृढ़ता (Perseverance) बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

मन पर विजय और तुलना से मुक्ति

मन को जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति मानते हुए, वे कहती हैं कि मन को जीत लिया जाए, तो पूरी दुनिया पर विजय संभव है। खुश रहने का रहस्य दूसरों में खुशी खोजने में छिपा है। इसके अलावा, दो मौलिक सिद्धांत सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  • तुलना से बचें: अपनी तुलना (Comparison) किसी से भी न करें, क्योंकि हर व्यक्ति की राह और संघर्ष अलग होता है।
  • कर्म का सिद्धांत: सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है, कर्म करते रहो और परिणाम की चिंता भगवान पर छोड़ दो।

यदि आप सच में ईश्वर से प्रेम करते हैं, तो पहले उनके बनाए लोगों से प्रेम करना शुरू करें। गलतियाँ करना जीवन का हिस्सा है, लेकिन उनसे सीखना और सुधार करना ही असली सफलता है।

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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