द लोकतंत्र : अगर आप पिछले एक महीने से घर में किसी शुभ कार्य, शादी या नई खरीदारी की प्लानिंग कर रहे थे, तो आपके लिए अच्छी खबर है। आज यानी 14 जनवरी 2026 से खरमास का अंत होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार, पिछले साल 16 दिसंबर से लगा ‘ब्रेक’ अब हटने वाला है और हिंदू धर्म में शुभ माने जाने वाले सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू होने जा रहे हैं।
किस समय खत्म हो रहा है खरमास?
ज्योतिष गणना के मुताबिक, सूर्य देव पिछले एक महीने से धनु राशि में विराजमान थे। अब वे इस राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं।
- समाप्ति का समय: 14 जनवरी 2026, रात 9 बजकर 19 मिनट। जैसे ही रात को सूर्य मकर राशि में कदम रखेंगे, वैसे ही खरमास की अवधि आधिकारिक रूप से खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही सूर्य ‘उत्तरायण’ हो जाएंगे, जिसे देवताओं का दिन माना जाता है।
अब शुरू होंगे ये मांगलिक कार्य
खरमास के दौरान हिंदू धर्म में किसी भी बड़े काम को करने की मनाही होती है। लेकिन अब कल सुबह से आप ये सभी कार्य पूरे उत्साह के साथ कर सकेंगे:
- विवाह संस्कार: शादियों के लिए अब शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।
- गृह प्रवेश: अगर नया घर खरीदा है, तो अब आप उसमें शिफ्ट हो सकते हैं।
- मुंडन और जनेऊ: बच्चों के संस्कार और जनेऊ के लिए यह समय उत्तम है।
- नया व्यापार: नई दुकान खोलना या नया बिजनेस शुरू करना अब काफी फलदायी होगा।
- बड़ी खरीदारी: गाड़ी, सोना या नई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए भी अब रास्ते खुल गए हैं।
आखिर क्यों लगा था कामों पर ‘ब्रेक’?
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशियों (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उनका तेज थोड़ा धीमा पड़ जाता है। इसे ही ‘खरमास’ कहा जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए कार्यों का मनचाहा फल नहीं मिलता और बाधाएं आने की आशंका रहती है। लेकिन मकर राशि में आते ही सूर्य फिर से शक्तिशाली हो जाते हैं और शुभ फल देने लगते हैं।
धार्मिक नजरिए से भी है बड़ा दिन
आज का दिन सिर्फ खरमास की समाप्ति ही नहीं, बल्कि मकर संक्रांति के त्योहार के लिए भी खास है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और सूर्य देव की उपासना का बहुत महत्व है। लोग खिचड़ी, तिल और गुड़ का दान करते हैं। माना जाता है कि सूर्य की पूजा करने से न केवल अच्छी सेहत मिलती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि का वास भी होता है।

