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सूर्य जैसा तेज और गजब की लीडरशिप: जानें कैसा होता है उत्तरायण में जन्म लेने वाले बच्चों का भाग्य और भविष्य

The loktnatra

द लोकतंत्र : मकर संक्रांति का त्योहार सिर्फ पतंगबाजी और तिल-गुड़ तक सीमित नहीं है। यह दिन ज्योतिष शास्त्र में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। आज ही के दिन से सूर्य देव ‘उत्तरायण’ होते हैं, यानी उनकी दिशा उत्तर की ओर होने लगती है। हिंदू धर्म में इस काल को ‘देवताओं का दिन’ कहा जाता है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है।

यही वजह है कि इस शुभ काल में जन्म लेने वाले बच्चों को बहुत भाग्यशाली माना जाता है। अगर आपके घर भी इस दौरान नन्हे मेहमान की किलकारी गूँजी है, तो आइए जानते हैं ज्योतिष के नजरिए से ऐसे बच्चों का व्यक्तित्व और भविष्य कैसा रहने वाला है।

व्यक्तित्व में दिखता है सूर्य जैसा तेज

चूंकि इस समय सूर्य की शक्ति और ताप बढ़ रहा होता है, इसलिए उत्तरायण में जन्मे बच्चों के चेहरे पर एक स्वाभाविक चमक और आकर्षण होता है। ये बच्चे न केवल दिखने में प्रभावशाली होते हैं, बल्कि अपनी बातों और गुणों से भी लोगों को अपना मुरीद बना लेते हैं। समाज में इन्हें मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बहुत आसानी से मिल जाती है।

कुशाग्र बुद्धि और सीखने की गहरी ललक

ज्योतिष के अनुसार, इस काल में पैदा होने वाले बच्चे स्वभाव से बहुत बुद्धिमान होते हैं। इनमें चीजों को तेजी से समझने की अद्भुत क्षमता होती है। ये बच्चे सिर्फ किताबी ज्ञान के पीछे नहीं भागते, बल्कि हर चीज के पीछे का ‘क्यों’ और ‘कैसे’ जानना चाहते हैं। इनकी यही जिज्ञासा इन्हें आगे चलकर एक सफल विद्वान या खोजी बनाती है।

जन्मजात लीडर और साहसी स्वभाव

उत्तरायण में जन्म लेने वाले जातकों में नेतृत्व (Leadership) के गुण जन्मजात होते हैं। ये किसी के दबाव में काम करना पसंद नहीं करते और चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं। इनका निडर स्वभाव और दृढ़ निश्चय इन्हें करियर के शिखर तक पहुँचाने में मदद करता है। मुश्किल से मुश्किल हालात में भी ये अपना रास्ता खुद बनाना जानते हैं।

धर्म और संस्कारों के प्रति झुकाव

ऐसे बच्चों का मन आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों में अधिक लगता है। ये सिद्धांतों के पक्के होते हैं और हमेशा सच का साथ देते हैं। दूसरों की मदद करना और सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेना इनके स्वभाव का हिस्सा होता है। परिवार के प्रति इनका लगाव और अच्छे संस्कार इन्हें सबका लाड़ला बनाते हैं।

करियर में सफलता और सुख-समृद्धि

माना जाता है कि उत्तरायण नई शुरुआत का प्रतीक है, इसलिए इस अवधि में जन्म लेने वाले बच्चों के जीवन में सुख-सुविधाओं की कभी कमी नहीं रहती। इन्हें अपनी मेहनत का फल जल्दी मिलता है। करियर के मामले में ये अक्सर ऊँचे पदों पर आसीन होते हैं और एक आर्थिक रूप से समृद्ध और खुशहाल जीवन व्यतीत करते हैं।

संक्षेप में कहें तो, उत्तरायण में जन्म लेने वाले बच्चे न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करते हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बनते हैं।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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