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रुद्राक्ष पहनने के नियम: क्या आप भी बिना सोचे-समझे पहन लेते हैं रुद्राक्ष? जान लें ये जरूरी बातें वरना होगा नुकसान

The loktnatra

द लोकतंत्र : हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को बहुत ही पवित्र और चमत्कारी माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है, इसलिए इसे ‘शिव का अंश’ भी कहा जाता है। बहुत से लोग मन की शांति, एकाग्रता और शिव कृपा पाने के लिए रुद्राक्ष धारण करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रुद्राक्ष पहनना केवल फैशन या दिखावा नहीं है?

शास्त्रों में रुद्राक्ष धारण करने के कुछ कड़े नियम बताए गए हैं। अगर आप इन नियमों की अनदेखी करते हैं, तो आपको इसका लाभ मिलने के बजाय नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं रुद्राक्ष पहनने का सही तरीका और इससे जुड़ी जरूरी बातें।

बाजार से लाकर सीधा न पहनें

अक्सर लोग बाजार से रुद्राक्ष खरीदते हैं और तुरंत गले में पहन लेते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है। रुद्राक्ष को धारण करने से पहले उसे शुद्ध करना जरूरी है।

  • शुद्धिकरण: सबसे पहले रुद्राक्ष को गंगाजल या कच्चे दूध से धोकर शुद्ध करें।
  • प्राण प्रतिष्ठा: इसके बाद किसी शुभ मुहूर्त में भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप करें। सबसे अच्छा होगा कि आप इसे मंदिर ले जाकर शिवलिंग से स्पर्श कराएं और फिर धूप-दीप दिखाकर धारण करें।

इन खास दिनों में ही पहनें रुद्राक्ष

रुद्राक्ष को किसी भी दिन पहनना उतना फलदायी नहीं होता जितना विशेष तिथियों पर। शास्त्रों के अनुसार, रुद्राक्ष धारण करने के लिए सोमवार, सावन का महीना, शिवरात्रि, पूर्णिमा या अमावस्या का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इन दिनों में शिव तत्व प्रबल होता है, जिससे रुद्राक्ष की शक्ति बढ़ जाती है।

दूसरों का पहना हुआ रुद्राक्ष कभी न लें

रुद्राक्ष एक व्यक्तिगत सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। कभी भी अपना पहना हुआ रुद्राक्ष किसी दूसरे व्यक्ति को न दें और न ही किसी दूसरे का पहना हुआ रुद्राक्ष खुद पहनें। ऐसा करने से रुद्राक्ष की ऊर्जा नष्ट हो जाती है और इसके अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। साथ ही, रुद्राक्ष की माला या दानों को हमेशा साफ-सुथरा रखें।

रुद्राक्ष धारण करने के 4 बड़े फायदे

अगर आप नियम के साथ रुद्राक्ष पहनते हैं, तो इसके चमत्कारी फायदे देखने को मिलते हैं:

  1. मानसिक शांति: यह तनाव को कम करता है और मन को शांत रखता है।
  2. बुरी नजर से बचाव: इसे पहनने वाले पर नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर का प्रभाव नहीं पड़ता।
  3. एकाग्रता: पढ़ाई करने वाले छात्रों और ध्यान करने वाले लोगों के लिए यह एकाग्रता बढ़ाने में मददगार है।
  4. ग्रह दोष से मुक्ति: ज्योतिष के अनुसार, रुद्राक्ष पहनने से ग्रहों के दुष्प्रभाव कम होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।

इन बातों का भी रखें ध्यान

रुद्राक्ष पहनकर कभी भी श्मशान घाट न जाएं और न ही मांस-मदिरा का सेवन करें। सोने से पहले रुद्राक्ष उतारकर मंदिर में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। पवित्रता का ध्यान रखने पर ही रुद्राक्ष आपको भगवान शिव का आशीर्वाद प्रदान करता है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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