द लोकतंत्र : हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर की साफ-सफाई को केवल शारीरिक स्वच्छता का प्रतीक नहीं माना जाता, बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) और समृद्धि का सीधा आधार माना गया है। यह मान्यता है कि जिस घर में गंदगी, अव्यवस्था या टूटे-फूटे सामान का जमावड़ा होता है, वहाँ नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है और धन की देवी माँ लक्ष्मी उस स्थान पर प्रवेश नहीं करतीं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की साफ-सफाई का सीधा संबंध झाड़ू से होता है, जिसे स्वयं माँ लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इसीलिए, संध्या काल में झाड़ू से जुड़ी चार विशेष गलतियों से बचना अनिवार्य है।
संध्या काल में झाड़ू लगाने का निषेध
शाम का समय (गोधूलि बेला) आध्यात्मिक रूप से सबसे पावन और शुभ माना जाता है, जब माँ लक्ष्मी घरों में प्रवेश करती हैं।
- ऊर्जा का बहिर्गमन: वास्तु शास्त्र के अनुसार, शाम के समय घर या आंगन में झाड़ू लगाना अशुभ माना गया है। यह माना जाता है कि इस समय झाड़ू लगाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी जी की कृपा घर से बाहर चली जाती है।
- परिणाम: सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से सुख-समृद्धि में बाधा आती है और घर में दरिद्रता का वास होने की संभावना बढ़ जाती है।
झाड़ू रखने का सही स्थान और सम्मान
झाड़ू को माँ लक्ष्मी का प्रतीक मानने के कारण, इसे रखने और प्रयोग करने में विशेष सम्मान और नियमों का पालन करना आवश्यक है।
- गलत स्थान से बचें: झाड़ू को कभी भी घर के कूड़ेदान या गंदे स्थान के पास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है।
- सही दिशा: वास्तु शास्त्र में झाड़ू को हमेशा साफ जगह पर, और विशेष रूप से घर की दक्षिण-पश्चिम (South-West) या पश्चिम (West) दिशा में छिपाकर रखना शुभ माना जाता है। इससे धन और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- खड़ा न रखें: झाड़ू को हमेशा जमीन पर लेटाकर रखना चाहिए, उसे कभी खड़ा नहीं रखना चाहिए।
अनादर और टूटी झाड़ू का दोष
झाड़ू का अपमान करना सीधे तौर पर धन की देवी का अपमान माना गया है, जिसके गंभीर आर्थिक परिणाम हो सकते हैं।
- पैर लगाने से बचें: इस बात का सख्ती से ध्यान रखना चाहिए कि किसी का पैर झाड़ू पर न पड़े, क्योंकि यह अपशकुन माना जाता है। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर की लक्ष्मी का अपमान होता है और आर्थिक हानि की संभावना बढ़ जाती है।
- टूटी झाड़ू: घर में टूटी या घिसी हुई झाड़ू रखना अशुभ माना जाता है। यह वास्तु दोष उत्पन्न करता है, सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है और धीरे-धीरे धन हानि या आर्थिक संकट का कारण बन सकता है।
संक्षेप में, झाड़ू का प्रयोग और रखरखाव जागरूकता के साथ करना चाहिए। इन वास्तु नियमों का पालन कर घर में सकारात्मकता, शांति और निरंतर समृद्धि को सुनिश्चित किया जा सकता है।

