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Vastu for Kitchen: भूलकर भी जूते-चप्पल पहनकर न घुसें रसोई में; घर की बरकत और सुख-शांति पर पड़ता है बुरा असर

The loktnatra

द लोकतंत्र : हम अक्सर जल्दबाजी में या अनजाने में जूते-चप्पल पहनकर सीधे रसोई (किचन) में घुस जाते हैं। देखने में यह एक बहुत छोटी सी बात लगती है, लेकिन वास्तु शास्त्र और हमारे धर्म शास्त्रों में इसे एक बड़ी गलती माना गया है। रसोई घर का वह हिस्सा है जहाँ से पूरे परिवार को ऊर्जा और स्वास्थ्य मिलता है, इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

आज 7 मार्च 2026 की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि क्यों रसोई के बाहर जूते उतारना आपके घर की सुख-समृद्धि के लिए अनिवार्य है।

मां अन्नपूर्णा का होता है अपमान

हिंदू धर्म में रसोई को मंदिर के समान पवित्र माना गया है क्योंकि यहाँ साक्षात माता अन्नपूर्णा का वास होता है। जब हम बाहर की धूल और गंदगी लगे जूते-चप्पल लेकर किचन में जाते हैं, तो इससे वहां की पवित्रता खंडित होती है। वास्तु के जानकारों का मानना है कि जिस घर की रसोई अशुद्ध रहती है, वहां से बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है और आर्थिक तंगी पैर पसारने लगती है।

रिश्तों में आती है कड़वाहट और अशांति

जूते-चप्पल अपने साथ बाहर की नकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं। जब यह नकारात्मकता रसोई जैसे संवेदनशील स्थान पर पहुँचती है, तो इसका सीधा असर घर के सदस्यों के स्वभाव पर पड़ता है। इससे परिवार में बिना वजह के झगड़े, मानसिक तनाव और आपसी संबंधों में दूरियां आने लगती हैं। घर का माहौल अशांत रहने लगता है और तरक्की के रास्ते में रुकावटें आने लगती हैं।

अग्नि और पृथ्वी तत्व का असंतुलन

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई ‘अग्नि’ तत्व का केंद्र है, जबकि जूते-चप्पल ‘पृथ्वी’ तत्व और भारी बाहरी ऊर्जा का प्रतीक हैं। जब ये दोनों आपस में टकराते हैं, तो घर का ऊर्जा चक्र (Energy Cycle) बिगड़ जाता है। इस असंतुलन के कारण घर में वास्तु दोष पैदा होता है, जिससे बिना वजह के खर्चे बढ़ते हैं और परिवार के मुखिया को करियर में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या कहता है विज्ञान?

अगर हम धार्मिक नजरिए को किनारे रखकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखें, तो किचन में जूते ले जाना बीमारियों को दावत देना है।

  • बैक्टीरिया का खतरा: हमारे जूतों के तलवों में लाखों की संख्या में सूक्ष्म कीटाणु और बैक्टीरिया होते हैं।
  • संक्रमण: रसोई के फर्श पर इन जूतों के जरिए पहुँचने वाली गंदगी सीधे हमारे खाने या पीने के पानी को संक्रमित कर सकती है। यही वजह है कि सेहत के लिहाज से भी रसोई के फर्श को हमेशा साफ और कीटाणु-मुक्त रखना चाहिए।

रसोई सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर की खुशहाली का आधार है। अपनी छोटी सी आदत बदलकर—यानी किचन के बाहर जूते-चप्पल उतारकर—आप न केवल वास्तु दोष से बच सकते हैं, बल्कि अपने परिवार को स्वस्थ और समृद्ध भी बना सकते हैं।

Team The Loktantra

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