द लोकतंत्र : वास्तु शास्त्र एक ऐसा प्राचीन विज्ञान है जो हमें बताता है कि हमारे आस-पास की चीजें हमारी ऊर्जा को कैसे प्रभावित करती हैं। वास्तु में सुबह के समय को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि सोकर उठने के बाद हमारी आंखें सबसे पहले जो कुछ भी देखती हैं, उसका सीधा असर हमारे मन, स्वभाव और आने वाले कामों पर पड़ता है। अगर सुबह की शुरुआत अच्छी और सकारात्मक चीजों को देखकर हो, तो पूरा दिन खुशहाली से बीतता है। वहीं, कुछ ऐसी अशुभ चीजें हैं जिन्हें सुबह-सुबह देखना आपके बने-बनाए काम बिगाड़ सकता है और घर में नकारात्मकता ला सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में जिन्हें सुबह उठते ही देखने से बचना चाहिए।
अपनी परछाई देखने से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह बिस्तर से उठते ही अपनी परछाई देखना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता। चाहे वह रोशनी की वजह से बन रही हो या धूप से, सुबह-सुबह अपनी या किसी और की परछाई देखना अशुभ होता है। कहा जाता है कि इससे मन में डर और तनाव बढ़ता है और दिन भर कार्यों में बाधाएं आती हैं।
टूटा हुआ आईना (शीशा)
अक्सर लोग सुबह उठते ही सबसे पहले आईना देखते हैं, लेकिन अगर वह आईना कहीं से भी टूटा हुआ या चटका हुआ है, तो यह बहुत बड़ा वास्तु दोष पैदा करता है। सुबह-सुबह टूटा शीशा देखना दुर्भाग्य की निशानी माना जाता है। इससे आपकी मानसिक शांति भंग हो सकती है और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है।
रसोई में जूठे बर्तन
कई लोगों की आदत होती है कि वे रात के जूठे बर्तन सुबह के लिए छोड़ देते हैं। वास्तु के मुताबिक, सुबह उठते ही रसोई में गंदे और जूठे बर्तनों का दिखना दरिद्रता को न्योता देता है। इससे माँ लक्ष्मी नाराज होती हैं और घर में आर्थिक तंगी आ सकती है। कोशिश करें कि रात को ही रसोई साफ करके सोएं।
बंद पड़ी घड़ी
घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। वास्तु कहता है कि रुकी हुई घड़ी रुकी हुई किस्मत की ओर इशारा करती है। सुबह उठते ही बंद घड़ी देखना आपके करियर और व्यक्तिगत जीवन में रुकावटें ला सकता है। अगर आपके घर में कोई घड़ी बंद है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या वहां से हटा दें।
खंडित प्रतिमा या फोटो
सुबह का समय ईश्वर की आराधना का होता है, लेकिन अगर आपके घर में किसी देवी-देवता की खंडित (टूटी हुई) मूर्ति या फटी हुई तस्वीर है, तो उसे सुबह बिल्कुल न देखें। खंडित प्रतिमाएं नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होती हैं। ऐसी मूर्तियों को आदर के साथ किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर देना चाहिए।
सुबह उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों के दर्शन करना (करदर्शन) या किसी शुभ चीज जैसे उगता सूरज या अपनी इष्टदेव की फोटो देखना सबसे उत्तम माना गया है। इससे आपका दिन ऊर्जा और सकारात्मकता से भरा रहता है।

