भारतीय पौराणिक कथाओं में पशुओं का दिव्य स्थान; मात्र वाहन नहीं, गुणों के प्रतीक हैं ये जीव
द लोकतंत्र : प्राचीन भारतीय मनीषा ने प्रकृति और जीव-जगत को सदा से मानवीय अस्तित्व का अभिन्न अंग माना है। जहाँ आधुनिक युग में पालतू जानवरों को स्नेह और साथ के लिए जाना जाता है, वहीं भारतीय पौराणिक आख्यानों में पशुओं को दिव्यता, ज्ञान, और नैतिक मूल्यों के जीवंत स्तंभ के रूप में प्रतिष्ठित किया […]
