द लोकतंत्र : दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक एप्पल (Apple) से छंटनी की खबर सामने आने के बाद प्रौद्योगिकी उद्योग में एक बार फिर नौकरियों को लेकर गहन चर्चा छिड़ गई है। ब्लूमबर्ग में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल ने यह छंटनी सेल्स विभाग में की है। कंपनी के प्रवक्ता ने इस कदम की पुष्टि करते हुए इसे व्यापार को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है। हालांकि, इस खबर ने कई लोगों को चौंका दिया है, क्योंकि कंपनी के राजस्व में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है।
छंटनी का कारण और प्रभाव
कंपनी की ओर से जारी बयान में छंटनी की वजह बिजनेस को सुव्यवस्थित (Streamlining) करने को बताया गया है।
- प्रभावित विभाग: छंटनी का सीधा प्रभाव सेल्स टीम पर पड़ा है। हालांकि, प्रवक्ता ने निकाले गए कर्मचारियों की संख्या स्पष्ट नहीं की है, लेकिन यह बताया गया है कि यह कटौती दर्जनों लोगों पर हुई है।
- अनुभवी कर्मचारियों पर गाज: रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, इस छंटनी में वे कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं जो पिछले 20-30 सालों से कंपनी का हिस्सा थे। इसके अलावा, सरकारी एजेंसियों के साथ काम कर रहे अकाउंट मैनेजरों पर भी छंटनी की तलवार चली है।
- समय पूर्व सूचना: नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को 15 दिन पहले इसकी जानकारी दी गई थी।
विरोधाभास और नियुक्ति का चक्र
यह छंटनी ऐसे समय में सामने आई है जब कंपनी एक ओर राजस्व वृद्धि देख रही है, वहीं दूसरी ओर सेल्स टीम के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर रही है।
- पुनर्नियुक्ति का मौका: कंपनी ने नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को दूसरी पोस्टों के लिए आवेदन करके जॉब में वापस लौटने का एक मौका दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन-किन विभागों पर इस छंटनी का अप्रत्यक्ष असर होने वाला है।
- रणनीतिक बदलाव: व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि यह छंटनी लागत कम करने से ज़्यादा रणनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा हो सकती है, जहाँ कंपनी पुराने मॉडलों के बजाय नए और अधिक कुशल विक्रय मॉडल को अपनाना चाहती है।
अमेरिकी शटडाउन और व्यापक संदर्भ
कुछ रिपोर्टों में इस छंटनी को अमेरिकी शटडाउन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
- सरकारी एजेंसियों का कनेक्शन: कंपनी ने बिजनेस स्कूल के साथ-साथ सरकारी एजेंसियों के साथ काम कर रहे अकाउंट मैनेजरों को भी बर्खास्त किया है। सरकारी एजेंसियों से जुड़े कर्मचारियों की छंटनी, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स या बाजार की अनिश्चितताओं के प्रति कंपनी की सावधानी को दर्शाती है।
यह घटना दर्शाती है कि तकनीकी जगत में लगातार नवाचार और पुनर्गठन की आवश्यकता बनी रहती है, भले ही कंपनी कितनी भी बड़ी और सफल क्यों न हो। कर्मचारियों को अब लचीलेपन और कौशल उन्नयन पर अधिक ध्यान देना होगा।

