द लोकतंत्र : गूगल ने अपने एआई चैटबॉट जेमिनी (Gemini) को एक सुपर-अपग्रेड दिया है, जिसे ‘पर्सनलाइज्ड इंटेलिजेंस’ (Personalised Intelligence) कहा जा रहा है। इस नए फीचर के आने के बाद जेमिनी अब सिर्फ एक सर्च इंजन जैसा जवाब देने वाला टूल नहीं रहा, बल्कि यह आपकी निजी पसंद-नापसंद को समझने वाला एक पर्सनल असिस्टेंट बन गया है। अब जेमिनी आपकी अनुमति से आपके Gmail, Google Photos और अन्य ऐप्स को पढ़कर आपके निजी सवालों के बिल्कुल सटीक जवाब दे सकेगा।
जेमिनी में ‘पर्सनलाइज्ड इंटेलिजेंस’ क्या है?
अक्सर हमें अपनी गाड़ी का नंबर, बीमा की आखिरी तारीख या पुराने ट्रिप की कोई खास फोटो याद नहीं रहती। अब आपको अपना पूरा इनबॉक्स खंगालने की जरूरत नहीं है। बस जेमिनी से पूछें और वह आपके पुराने ईमेल या फोटो को स्कैन करके तुरंत बता देगा कि आपकी गाड़ी का टायर साइज क्या है या पिछली बार आपने किस होटल में स्टे किया था।
यह सिस्टम आपकी पिछली पसंद और रिकॉर्ड्स को देखकर आपकी अगली फैमिली ट्रिप भी प्लान कर सकता है या आपको नए आइडिया सुझा सकता है। सरल शब्दों में कहें तो, यह आपकी डिजिटल लाइफ का एक ऐसा मैनेजर है जिसे सब कुछ याद रहता है।
रिश्तों और जज्बात को समझने में अभी भी ‘नादान’
इतना स्मार्ट होने के बाद भी गूगल ने माना है कि जेमिनी इंसानी रिश्तों और संवेदनशील मामलों में पूरी तरह सटीक नहीं हो सकता। एआई आपके डेटा में मौजूद पैटर्न के आधार पर अनुमान लगाता है, लेकिन वह संदर्भ (Context) को पूरी तरह नहीं समझ पाता।
जैसे, अगर आपके फोन में किसी पुराने रिश्ते की तस्वीरें अब भी पड़ी हैं, तो जेमिनी कन्फ्यूज हो सकता है कि आप अब भी साथ हैं या नहीं। या फिर, अगर आप किसी स्टेडियम में सिर्फ काम की वजह से जाते हैं और वहां बहुत फोटो लेते हैं, तो एआई मान लेगा कि आप उस खेल के दीवाने हैं। अच्छी बात यह है कि यूज़र जेमिनी को बीच में टोककर अपनी जानकारी को सही कर सकते हैं।
प्राइवेसी का क्या? क्या आपका डेटा सुरक्षित है?
गूगल ने साफ किया है कि जेमिनी आपके निजी डेटा (जैसे फोटो या ईमेल) का इस्तेमाल खुद को ट्रेन करने के लिए नहीं करेगा। एआई सिर्फ आपके सवाल का जवाब देने के लिए उस जानकारी को एक ‘रेफरेंस’ के तौर पर देखेगा। जब भी जेमिनी कोई व्यक्तिगत जवाब देगा, वह यह भी बताएगा कि उसने यह जानकारी किस ऐप (जीमेल या फोटोज) से निकाली है।
कैसे करें इस्तेमाल और किसे मिलेगा?
यह शानदार फीचर फिलहाल बीटा स्टेज (टेस्टिंग) में है और अमेरिका में उन यूज़र्स के लिए उपलब्ध है जिनके पास Google AI Pro या AI Ultra का सब्सक्रिप्शन है। इसे चालू करने के लिए जेमिनी की सेटिंग्स में जाकर ‘Personalised Intelligence’ ऑप्शन को ऑन करना होगा। यूज़र्स के पास यह पूरा कंट्रोल रहेगा कि वे कौन से ऐप्स कनेक्ट करना चाहते हैं और कब अपनी चैट हिस्ट्री हटाना चाहते हैं।
गूगल का यह कदम एआई को और भी ज्यादा मानवीय और मददगार बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है। जल्द ही यह फीचर अन्य देशों और भाषाओं में भी रोलआउट किया जा सकता है।

