द लोकतंत्र : रिलायंस जियो और एयरटेल, दोनों ही कंपनियां अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए 84 दिनों की वैलिडिटी वाले प्लान ऑफर करती हैं। दोनों में डेटा और कॉलिंग लगभग एक जैसी हैं, लेकिन कीमत में ₹60 का अंतर है। आखिर क्यों एयरटेल महंगा है और जियो में क्या खास मिल रहा है? आइए करते हैं इनका आमना-सामना।
Reliance Jio का ₹799 वाला प्लान: एंटरटेनमेंट का डोज
जियो का ₹799 वाला प्लान उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कम कीमत में ज्यादा सुविधाएं चाहते हैं। इस प्लान में आपको मिलता है:
- डेटा और कॉलिंग: हर दिन 1.5 GB हाई-स्पीड डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 SMS।
- खास फायदे: जियो इस प्लान के साथ अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे जियो सिनेमा, जियो टीवी) का फ्री एक्सेस देता है।
- क्लाउड स्टोरेज: इसमें आपको क्लाउड स्टोरेज की सुविधा भी मिलती है, जो आपके फोन की मेमोरी बचाने में काम आती है। यह प्लान उन युवाओं के लिए बेस्ट है जो ओटीटी (OTT) और एंटरटेनमेंट के शौकीन हैं।
Airtel का ₹859 वाला प्लान: प्रीमियम सर्विसेज पर फोकस
एयरटेल का प्लान जियो से ₹60 महंगा है, लेकिन कंपनी इसके बदले कुछ अलग तरह की सुविधाएं दे रही है:
- बेसिक सुविधाएं: इसमें भी 84 दिनों के लिए रोज 1.5 GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100 SMS मिलते हैं।
- प्रीमियम टूल्स: एयरटेल अपने इस प्लान के साथ कुछ खास ‘क्रिएटिव टूल्स’ का सब्सक्रिप्शन देता है।
- सुरक्षा और सुविधा: इसमें स्पैम कॉल और मैसेज अलर्ट की सुविधा मिलती है, जो आजकल के दौर में फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी है। साथ ही हेलोट्यून्स और अपोलो 24/7 सर्कल जैसे रिवॉर्ड्स भी शामिल हैं।
दोनों में असली अंतर क्या है?
अगर हम सिर्फ डेटा और वैलिडिटी को देखें, तो दोनों प्लान एक जैसे ही नज़र आते हैं। असली फर्क कीमत और उन ‘एक्स्ट्रा’ सेवाओं का है जो कंपनियां दे रही हैं। जियो जहाँ अपने खुद के एंटरटेनमेंट एप्स पर जोर देता है, वहीं एयरटेल सुरक्षा और प्रीमियम टूल्स के जरिए अपनी कीमत को सही ठहराने की कोशिश करता है।
आपके लिए कौन सा बेहतर है?
फैसला आपके इस्तेमाल पर टिका है। अगर आप ₹60 बचाना चाहते हैं और जियो के एप्स इस्तेमाल करना आपको पसंद है, तो ₹799 वाला प्लान आपके लिए ‘वैल्यू फॉर मनी’ है। लेकिन, अगर आपको स्पैम कॉल से सुरक्षा चाहिए और आप एयरटेल की प्रीमियम सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं, तो ₹859 खर्च करना बुरा सौदा नहीं है।
रिचार्ज करने से पहले अपनी जरूरतों को जरूर तौलें, क्योंकि कभी-कभी थोड़े ज्यादा पैसे देकर मिलने वाली सुविधाएं लंबे समय में फायदेमंद साबित होती हैं।

