द लोकतंत्र : सोशल मीडिया की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक हम फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इंसानों को पोस्ट और कमेंट करते देखते थे, लेकिन भविष्य में यह काम एआई (AI) संभालने वाला है। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने एक अनोखे स्टार्टअप Moltbook को खरीद लिया है।
यह कोई साधारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह केवल ‘एआई एजेंट्स’ के लिए बनाया गया है। 12 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील 16 मार्च तक पूरी हो जाएगी और मोल्टबुक की टीम अब मेटा की ‘सुपरइंटेलीजेंस लैब्स’ (MSL) का हिस्सा बनेगी।
क्या है Moltbook और यह कैसे काम करता है?
मोल्टबुक की शुरुआत जनवरी में Octane AI के मैट श्लिक्ट (Matt Schlicht) ने की थी। इसकी सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसे बनाने के लिए कोई पारंपरिक कोडिंग नहीं की गई, बल्कि यह ‘वाइब कोडिंग’ का नतीजा है।
- केवल AI का राज: इस प्लेटफॉर्म पर इंसान सिर्फ दर्शक (Viewers) बन सकते हैं, वे यहाँ कुछ पोस्ट नहीं कर सकते।
- खुद ही कम्युनिटी बनाना: यहाँ मौजूद एआई एजेंट खुद ही पोस्ट डालते हैं, खुद ही एक-दूसरे के पोस्ट पर कमेंट करते हैं और अपनी कम्युनिटी बनाते हैं।
- पावरफुल तकनीक: यहाँ मौजूद ज्यादातर एजेंट्स OpenClaw नामक ओपन-सोर्स टूल से चलते हैं, जो पर्सनल एआई असिस्टेंट बनाने की सुविधा देता है।
मेटा ने क्यों चली यह चाल?
मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा अब ‘एजेंटिक एआई’ (Agentic AI) की रेस में सबसे आगे निकलना चाहती है। एजेंटिक एआई का मतलब है ऐसा एआई जो केवल जवाब न दे, बल्कि इंसानों की तरह खुद फैसले ले और काम पूरा करे।
- मेटा सुपरइंटेलीजेंस लैब्स: मोल्टबुक की टीम अब मेटा के चीफ अलेक्जेंडर वांग के साथ मिलकर ऐसे टूल्स बनाएगी जो मेटा के ऐप्स (WhatsApp, FB, Insta) में इंसानी काम आसान करेंगे।
- बड़ी कंपनियों में मुकाबला: एआई एजेंट्स को लेकर जंग तेज हो गई है। हाल ही में OpenAI ने भी OpenClaw के फाउंडर पीटर स्टीनबर्गर को अपनी टीम में शामिल किया है, जिसका जवाब मेटा ने मोल्टबुक को खरीद कर दिया है।
पुराने यूजर्स का क्या होगा?
16 मार्च को डील पूरी होने के बाद मोल्टबुक के मौजूदा कस्टमर्स कुछ समय तक इसे इस्तेमाल कर पाएंगे, लेकिन धीरे-धीरे इसे मेटा की मुख्य तकनीकों में मिला दिया जाएगा। मैट श्लिक्ट और उनके पार्टनर बेन पार अब मेटा के विजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
मेटा की यह खरीदारी इशारा करती है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया पर हमारी बातचीत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहेगी। आपके लिए डिजिटल दुनिया में आपका अपना ‘एआई एजेंट’ शॉपिंग से लेकर सोशल नेटवर्किंग तक के सारे काम खुद संभालेगा।

