द लोकतंत्र : अगर आप भी सुबह उठते ही सबसे पहले अपना व्हाट्सएप चेक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब तक पूरी तरह फ्री रहने वाला व्हाट्सएप जल्द ही अपनी सर्विस के लिए आपसे पैसे मांग सकता है। जी हां, खबर है कि मेटा (Meta) अब व्हाट्सएप को ‘सब्सक्रिप्शन मॉडल’ पर ले जाने की तैयारी कर रही है।
इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप बिना किसी रुकावट के ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। आइए जानते हैं कि व्हाट्सएप में क्या बदलने वाला है और इसके लिए आपको कितने पैसे देने होंगे।
स्टेटस और चैनल्स में दिखेंगे विज्ञापन
पिछले साल मेटा ने व्हाट्सएप के स्टेटस और चैनल्स सेक्शन में विज्ञापन (Ads) की टेस्टिंग शुरू की थी। हालांकि बहुत से यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई, लेकिन कंपनी पीछे हटने को तैयार नहीं है। व्हाट्सएप के नए बीटा वर्जन (2.26.3.9) के कोड में कुछ ऐसी जानकारी मिली है जिससे साफ होता है कि कंपनी एक ऐसे प्लान पर काम कर रही है जहाँ पैसे देकर आप इन विज्ञापनों से छुटकारा पा सकते हैं।
पैसे देने वालों को क्या मिलेगा फायदा?
व्हाट्सएप दो तरह के यूजर्स के लिए अलग-अलग एक्सपीरियंस रखने वाला है:
- Ad-Free सब्सक्रिप्शन: जो लोग पैसे देकर यह प्लान खरीदेंगे, उन्हें स्टेटस और चैनल्स देखते वक्त कोई भी विज्ञापन नजर नहीं आएगा। उनका अनुभव पहले की तरह स्मूद रहेगा।
- फ्री यूजर्स: जो लोग पैसे नहीं देना चाहते, वे ऐप तो चला पाएंगे लेकिन उन्हें स्टेटस और चैनल्स सेक्शन में बार-बार विज्ञापन (Ads) देखने होंगे।
कितनी होगी कीमत और कब होगा लॉन्च?
फिलहाल व्हाट्सएप ने आधिकारिक तौर पर इस प्लान की कीमत का खुलासा नहीं किया है। अभी यह भी साफ नहीं है कि इसमें विज्ञापन हटाने के अलावा और कौन-कौन से नए फीचर्स जोड़े जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का पूरा फोकस अभी स्टेटस और चैनल्स से विज्ञापन के जरिए कमाई करने पर है। राहत की बात यह है कि आपकी पर्सनल चैट्स में फिलहाल विज्ञापन आने का कोई संकेत नहीं मिला है।
क्या व्हाट्सएप अब फ्री नहीं रहेगा?
तकनीकी रूप से व्हाट्सएप फ्री रहेगा, लेकिन विज्ञापनों के साथ। अगर आप ‘प्रीमियम एक्सपीरियंस’ चाहते हैं और विज्ञापनों से बचना चाहते हैं, तभी आपको पैसे देने होंगे। यह बिल्कुल वैसा ही होगा जैसे आप यूट्यूब या स्पॉटिफाई के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेते हैं।
व्हाट्सएप का यह कदम इस डिजिटल दौर में कमाई के नए रास्ते खोजने की कोशिश है। अब देखना यह होगा कि फ्री सर्विस के आदी हो चुके करोड़ों भारतीय यूजर्स इस फैसले को कैसे स्वीकार करते हैं।

