द लोकतंत्र : इंटरनेट की दुनिया में बच्चों की सुरक्षा हमेशा से माता-पिता के लिए एक बड़ी चिंता रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, दुनिया का सबसे पॉपुलर मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। व्हाट्सएप जल्द ही ‘Primary Controls’ नाम का एक नया फीचर लॉन्च करेगा, जिससे माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक अलग और सुरक्षित ‘सेकेंडरी अकाउंट’ बना सकेंगे।
इस फीचर का मकसद बच्चों को अनजान लोगों, स्पैम कॉल्स और गलत कंटेंट से बचाना है, ताकि वे एक सुरक्षित दायरे में रहकर अपनों से बात कर सकें।
पैरेंट्स के हाथ में होगी ‘रिमोट कंट्रोल’
फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए फीचर के जरिए पैरेंट्स अपने खुद के व्हाट्सएप से बच्चे का अकाउंट सेटअप कर पाएंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि बच्चे केवल उन लोगों से चैटिंग कर सकेंगे, जिनके नंबर पैरेंट्स ने पहले से सेव किए होंगे। इससे कोई भी अनजान व्यक्ति बच्चे को मैसेज या कॉल करके परेशान नहीं कर पाएगा।
6 डिजिट पिन (PIN) से बढ़ेगी सुरक्षा
बच्चे के अकाउंट को सेटअप करने के लिए माता-पिता को अपना QR कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद एक 6 डिजिट का प्राइमरी पिन (PIN) बनाना होगा। यह पिन बहुत जरूरी है, क्योंकि अकाउंट की किसी भी सेटिंग में बदलाव करने के लिए इसी पिन की जरूरत होगी। इससे यह पक्का हो जाएगा कि बच्चा अपनी मर्जी से कोई भी जरूरी सेटिंग बदल नहीं पाएगा।
बच्चों के लिए बंद रहेंगे ये फीचर्स
बच्चों के अकाउंट को सरल और सुरक्षित रखने के लिए व्हाट्सएप ने कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं:
- चैनल्स और स्टेटस बंद: बच्चों के अकाउंट में ‘अपडेट्स’ टैब नहीं होगा, जिससे वे किसी भी अनचाहे चैनल या ब्रॉडकास्ट कंटेंट को नहीं देख पाएंगे।
- चैट लॉक नहीं मिलेगा: बच्चे अपनी किसी भी बातचीत को फोन के अंदर छिपा नहीं सकेंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
- ग्रुप इनवाइट: अनजान ग्रुप्स में जुड़ने पर भी पाबंदी रहेगी।
प्राइवेसी का भी रखा गया ख्याल
अक्सर मन में सवाल आता है कि क्या पैरेंट्स बच्चों के मैसेज पढ़ पाएंगे? इसका जवाब है— नहीं। व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी (End-to-End Encryption) पहले की तरह ही बरकरार रहेगी। इसका मतलब है कि माता-पिता बच्चों के मैसेज पढ़ या कॉल सुन नहीं पाएंगे, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी जरूर मिलती रहेगी कि बच्चा कब कोई नया कॉन्टैक्ट जोड़ रहा है या अकाउंट में क्या बदलाव हो रहे हैं।
जैसे ही बच्चा व्हाट्सएप की तय की गई उम्र सीमा को पूरा कर लेगा, इस सेकेंडरी अकाउंट को एक सामान्य व्हाट्सएप प्रोफाइल में बदला जा सकेगा।

