द लोकतंत्र : समकालीन डिजिटल परिवेश में वाई-फाई कनेक्टिविटी हमारी दैनिक दिनचर्या का अपरिहार्य हिस्सा बन चुकी है। हालांकि, उपयोगकर्ता अक्सर सुविधा के नाम पर अपने नेटवर्क के पासवर्ड को महीनों या सालों तक अपरिवर्तित छोड़ देते हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामूली सी दिखने वाली लापरवाही गंभीर वित्तीय और कानूनी संकट का कारण बन सकती है। डेटा की गोपनीयता और स्मार्ट डिवाइसेस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर पासवर्ड परिवर्तन अब एक विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है।
एक स्थिर पासवर्ड न केवल सुरक्षा बल्कि बैंडविड्थ की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है।
- अनधिकृत उपयोग: जब पासवर्ड दीर्घकाल तक नहीं बदला जाता, तो यह पड़ोसियों या अन्य लोगों के लिए सुलभ हो जाता है। जैसे-जैसे अनधिकृत डिवाइसेस की संख्या बढ़ती है, इंटरनेट की बैंडविड्थ विभाजित होने लगती है, जिससे स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग की गति अत्यधिक धीमी हो जाती है।
- मलेशियस एंट्री: एक बार पासवर्ड लीक होने पर हैकर आपके नेटवर्क में स्थायी जगह बना लेते हैं, जिससे भविष्य में बिना किसी अवरोध के डेटा चोरी संभव हो जाती है।
आजकल घरों में CCTV कैमरा, स्मार्ट टीवी और स्पीकर्स जैसे उपकरण सीधे वाई-फाई से जुड़े होते हैं।
- मालवेयर इंस्टॉलेशन: दुर्भावनापूर्ण अटैकर्स कमजोर पासवर्ड का फायदा उठाकर आपके कनेक्टेड डिवाइसेस में मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं। यह सॉफ्टवेयर चुपचाप आपकी निजी गतिविधियों की निगरानी कर सकता है।
- गोपनीयता का हनन: हैक्ड कैमरे या स्पीकर आपकी निजी बातों और दृश्य सामग्री को बाहरी सर्वर पर भेज सकते हैं, जो ब्लैकमेलिंग या डेटा मंडी में बिक्री के लिए इस्तेमाल होता है।
यह सबसे भयानक परिणाम है जिसके बारे में अक्सर उपयोगकर्ता अनभिज्ञ होते हैं। यदि कोई तीसरा व्यक्ति आपके वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करके कोई साइबर फ्रॉड, अश्लील सामग्री का प्रसार या आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देता है, तो कानूनी रूप से प्रथम उत्तरदायी कनेक्शन धारक ही होता है। जांच एजेंसियां IP एड्रेस के आधार पर कार्यवाही करती हैं, जिससे आप बिना किसी दोष के जेल तक जा सकते हैं।
तकनीकी विशेषज्ञ हर तीन महीने में पासवर्ड बदलने और ‘WPA3’ सुरक्षा प्रोटोकॉल का उपयोग करने की सलाह देते हैं। एक मजबूत पासवर्ड में अक्षर, अंक और विशेष चिह्न होना अनिवार्य है।
निष्कर्षतः, वाई-फाई पासवर्ड न बदलना एक खुले तिजोरी के समान है। आज ही अपने राउटर की सेटिंग्स में जाएं और इस डिजिटल सुरक्षा चक्र को मजबूत करें।

