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Varuthini Ekadashi 2026: 13 अप्रैल को है वरुथिनी एकादशी, 10 हजार साल की तपस्या जितना फल दिलाएंगे ये 6 दान!

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द लोकतंत्र : हिंदू धर्म में वैशाख के महीने को सभी महीनों में उत्तम माना गया है। इस महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली ‘वरुथिनी एकादशी’ का व्रत रखने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। इस साल यह एकादशी 13 अप्रैल को मनाई जाएगी, जिस दिन दो बेहद शुभ संयोग भी बन रहे हैं।

वरुथिनी एकादशी का खास महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को हर प्रकार के डर, रोग और कष्टों से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की सच्चे मन से की गई पूजा 10 हजार साल की कठिन तपस्या के बराबर पुण्य देती है। पद्म पुराण में भी वैशाख मास की महिमा गाई गई है, जिसमें कहा गया है कि इस महीने में किया गया छोटा सा दान भी कई गुना होकर वापस मिलता है।

वरुथिनी एकादशी पर जरूर करें ये 6 दान

वैशाख की तपती गर्मी में सेवा और दान का बहुत महत्व है। इस एकादशी पर अपनी श्रद्धा के अनुसार नीचे दी गई चीजों का दान जरूर करें:

1. जल का दान (सबसे बड़ा पुण्य) स्कंद पुराण के अनुसार, प्यासे को ठंडा जल पिलाना या पानी से भरा मिट्टी का घड़ा (मटका) दान करना स्वर्ग की प्राप्ति कराता है। इससे सूर्यदेव और पितृ दोनों प्रसन्न होते हैं।

2. सत्तू का दान गर्मी के मौसम में सत्तू को सबसे सुपाच्य और ठंडा माना जाता है। वरुथिनी एकादशी पर सत्तू का दान करने से सेहत में सुधार होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

3. हल्के वस्त्रों का दान जरूरतमंदों को सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े दान करना बहुत फलदायी होता है। इससे कुंडली में सूर्य और अग्नि दोष शांत होते हैं और मन को शांति मिलती है।

4. छाता और चप्पल का दान तेज धूप से बचाव के लिए किसी गरीब को छाता, चप्पल या टोपी भेंट करें। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, यह दान करने से राहु-केतु के दोष कम होते हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।

5. गुड़ और चीनी का दान मीठा जल, शरबत या गुड़ का दान करने से वाणी में मिठास आती है और पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आती है। यह दान शुक्र और बुध ग्रह को भी मजबूत करता है।

6. बेल का दान वैशाख में बेल का फल या उसका शरबत दान करना शुभ होता है। इससे बीमारियों से छुटकारा मिलता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

वरुथिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, पीले वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन सात्विक रहें और जरूरतमंदों की मदद करें।

Team The Loktantra

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