द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने राजधानी के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। शुक्रवार (26 सितंबर) को हुई अहम बैठक में यह तय हुआ कि पानी के बकाया बिल पर लगने वाले लेट चार्ज को पूरी तरह माफ किया जाएगा। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि अब लेट चार्ज की दर 5 प्रतिशत कंपाउंड ब्याज की बजाय सिर्फ 2 प्रतिशत होगी। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से लोग बकाया बिल चुकाने के लिए आगे आएंगे और जल बोर्ड की आय में भी वृद्धि होगी।
लेट चार्ज पर 70 प्रतिशत की छूट
दिल्ली सरकार के मुताबिक वर्तमान में कुल 87,589 करोड़ रुपये का बकाया है। इसमें से केवल 7,125 करोड़ पानी के इस्तेमाल का वास्तविक बकाया है, जबकि 80,463 करोड़ रुपये लेट पेमेंट चार्ज हैं। यानी कुल बकाया का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा केवल लेट चार्ज का है। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि 5 प्रतिशत कंपाउंड ब्याज दर के कारण 100 रुपये का बकाया 178 रुपये तक बढ़ जाता था, जिससे उपभोक्ता बिल चुकाने में पीछे हट जाते थे।
अब सरकार ने यह व्यवस्था की है कि यदि कोई उपभोक्ता 31 जनवरी तक बकाया जमा कर देता है तो उसके ऊपर लगने वाला लेट चार्ज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। वहीं 31 मार्च तक बिल चुकाने वालों को लेट चार्ज पर 70 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
केवल 1 हजार रुपये में वैध कनेक्शन
दिल्ली जल बोर्ड ने अवैध पानी कनेक्शन को वैध करने की प्रक्रिया भी आसान बना दी है। पहले घरेलू उपभोक्ताओं को अवैध कनेक्शन को वैध कराने के लिए 26 हजार रुपये का शुल्क देना होता था, लेकिन अब केवल 1 हजार रुपये में यह काम हो सकेगा। यह छूट मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इसी तरह यदि किसी व्यावसायिक इकाई के पास अवैध कनेक्शन है तो उसे पहले 61,056 रुपये देने होते थे, लेकिन अब सिर्फ 5 हजार रुपये में कनेक्शन वैध कराया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल बकाया वसूली आसान होगी, बल्कि पानी की चोरी और अवैध कनेक्शन की समस्या भी खत्म होगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि अब दिल्ली के रजिस्ट्री कार्यालयों में पानी का बिल भी अनिवार्य रूप से दिखाना होगा, जैसे अभी बिजली का बिल मांगा जाता है। इससे बकाया वसूली की प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी। वहीं मीटर इंस्टॉलेशन के लिए भी नई व्यवस्था लागू होगी। मंत्री ने बताया कि अब तक 1 लाख लोग पानी का मीटर लगवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन पेंडेंसी के कारण काम अटका हुआ है। इस वजह से जल बोर्ड को लगभग 51 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
पहले जल बोर्ड ने एक हजार प्लम्बर्स को लाइसेंस दिया था, लेकिन बाद में संख्या घटकर 250 रह गई। अब सरकार ने आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के सहयोग से नए लाइसेंसधारी प्लम्बर्स तैयार करने की योजना बनाई है ताकि मीटर इंस्टॉलेशन का काम तेज़ी से पूरा हो सके।
ब्याज दर घटाकर 2 प्रतिशत की गई
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पहले उपभोक्ताओं के भारी-भरकम बिल आने की वजह से वे भुगतान करने के बजाय इंतजार करते थे कि सरकार बिल माफ कर दे। लेकिन अब जब ब्याज दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है और लेट चार्ज में भारी छूट दी जा रही है, तो उपभोक्ताओं को बकाया चुकाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, अवैध कनेक्शन को मात्र 1 हजार और 5 हजार रुपये में वैध कराने की सुविधा से लाखों लोग लाभान्वित होंगे।

