द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिवाली से ठीक पहले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 7 करोड़ से अधिक सदस्यों को तोहफा देते हुए पीएफ निकासी के नियमों को और आसान बना दिया है। सोमवार को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की।
अब कर्मचारी अपने भविष्य निधि (PF) खाते से 100 प्रतिशत राशि तक निकाल सकेंगे। पहले जहां आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग नियम थे, वहीं अब उन्हें केवल तीन सरल श्रेणियों में बाँट दिया गया है जरूरी जरूरतें, आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियाँ।
ईपीएफओ खाते से 100 प्रतिशत निकासी की अनुमति
नई व्यवस्था के तहत, कर्मचारी अब बीमारी, शिक्षा और शादी जैसी आवश्यक जरूरतों में पूरी राशि निकाल सकते हैं। इसी तरह, घर खरीदने, निर्माण या मरम्मत के लिए भी ईपीएफओ खाते से 100 प्रतिशत निकासी की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा, महामारी या लॉकडाउन जैसी विशेष परिस्थितियों में बिना किसी अलग कारण बताए भी कर्मचारी अपनी जमा राशि पूरी तरह निकाल सकेंगे। यह कदम कर्मचारियों को अपने ही पैसे पर अधिक नियंत्रण देता है और कठिन परिस्थितियों में तुरंत मदद सुनिश्चित करता है।
निकासी संबंधी शर्तों में मिली ढील
ईपीएफओ ने निकासी से संबंधित अन्य शर्तों में भी ढील दी है। अब शिक्षा और शादी के लिए निकासी सीमा को क्रमशः 10 गुना और 5 गुना कर दिया गया है। पहले सदस्य अपने पीएफ से केवल तीन बार आंशिक निकासी कर सकते थे, लेकिन अब यह सीमा हटा दी गई है। साथ ही, सभी प्रकार की निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि घटाकर सिर्फ 12 महीने कर दी गई है।
हालांकि, संगठन ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक सुरक्षा प्रावधान जोड़ा है कि सदस्य का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा उनके खाते में बना रहे, ताकि उन्हें 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर और रिटायरमेंट फंड की सुरक्षा मिलती रहे।
कैसे निकाल सकते हैं पैसा?
नई व्यवस्था में निकासी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस कर दी गई है। अब किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। सदस्य अपने UAN नंबर और पासवर्ड के जरिए सीधे EPFO की आधिकारिक वेबसाइट (unifiedportalmem.epfindia.gov.in) पर लॉगिन करके आसानी से क्लेम दर्ज कर सकते हैं।
निकासी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सदस्य को बैंक अकाउंट के आखिरी चार अंक दर्ज करने, आवश्यक जानकारी भरने और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद क्लेम सबमिट करना होगा। कुछ ही दिनों में पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
समय सीमा से संबंधित नियमों में भी बदलाव
ईपीएफओ ने समय सीमा से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया है। अब पीएफ की अंतिम निकासी अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है, जबकि पेंशन निकासी की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दी गई है। इससे कर्मचारियों को अपने वित्तीय निर्णयों में अधिक लचीलापन मिलेगा।
कुल मिलाकर, ईपीएफओ का यह फैसला कर्मचारियों को वित्तीय स्वतंत्रता और आपातकालीन स्थितियों में राहत दोनों प्रदान करता है। दिवाली से पहले यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपने पैसों पर बेहतर नियंत्रण चाहते हैं। अब कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते को सिर्फ बचत का साधन नहीं, बल्कि कठिन समय में एक भरोसेमंद सहारा मान सकते हैं।

