द लोकतंत्र/ गुजरात : गुजरात में नई मंत्रिपरिषद का गठन आज संपन्न हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में 25 नए मंत्रियों ने शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में सबसे बड़ा चेहरा रहे हर्ष सांघवी, जिन्हें गुजरात का नया उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया गया है। हर्ष सांघवी तीन बार के विधायक हैं और वर्तमान में सूरत की मजुरा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिससे अब गुजरात मंत्रिपरिषद में कुल 26 सदस्य हो गए हैं।
नए मंत्रीमंडल में कई अहम नाम शामिल
इस नए मंत्रीमंडल में कई अहम नाम शामिल किए गए हैं। अर्जुन मोढवाडिया, जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, को भी मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा रुशीकेश पटेल, कुंवरजी बावलिया और प्रफुल पनशेरिया को फिर से मंत्रीमंडल में जगह दी गई है।
नए चेहरों में कनुभाई देसाई, पुरुषोत्तम सोलंकी, नरेश पटेल, अहमदाबाद की पूर्व डिप्टी मेयर दर्शना वाघेला, गुजरात भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व प्रमुख प्रद्युमन वाजा, मोरबी विधायक कांतिलाल अमरुतिया, और वडोदरा की विधायक मनीषा वाकिल को भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है।
इसके अलावा, जीतू वाघाणी, कौशिक वेकारिया, स्वरूपजी ठाकोर, टीकाराम छंगा, जयराम गमित, रिवाबा जडेजा, पीसी बारांदा, रमेश कटारा, इश्वरसिंह पटेल, प्रवीण माली, रमनभाई सोलंकी, कमलेश पटेल, और संजय सिंह महिदा जैसे विधायकों को भी मंत्री पद मिला है।
भाजपा के मिशन 2027 से जुड़ा एक रणनीतिक कदम
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फेरबदल भाजपा के मिशन 2027 से जुड़ा एक रणनीतिक कदम है। पार्टी ने युवा और सामाजिक संतुलन को साधने की कोशिश की है। नए मंत्रियों में पाटीदार, ओबीसी और शहरी वर्ग के प्रतिनिधियों को शामिल कर भाजपा ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आगामी चुनावों में सभी सामाजिक वर्गों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा चेहरे बदलकर एंटी-इनकंबेंसी को कम करने की कोशिश कर रही है और नए नेतृत्व के ज़रिए युवाओं का भरोसा जीतना चाहती है। यह फेरबदल न केवल 2027 विधानसभा चुनाव बल्कि आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए भी अहम माना जा रहा है।

