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दिवाली के बाद दिल्ली बनी दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी, AQI 350 पार, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

Delhi becomes world's most polluted capital after Diwali, AQI crosses 350, experts warn

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिवाली के पटाखों और रोशनी के बाद दिल्ली अब फिर धुएँ और धूल की चादर में घिरी राजधानी बन चुकी है। स्विट्जरलैंड की एयर क्वालिटी फर्म IQAir की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। इस सूची में भारत के मुंबई (5वां) और कोलकाता (8वां) भी शामिल हैं, जबकि पाकिस्तान के लाहौर और कराची, कुवैत, ताशकंद, दोहा, ऑस्ट्रेलिया का कैनबरा और इंडोनेशिया की जकार्ता भी शीर्ष 10 में हैं।

मंगलवार सुबह दिल्ली का AQI 350 रिकॉर्ड किया गया

रिपोर्ट में बताया गया है कि दिवाली पर पटाखों का धुआँ, वाहनों से निकलने वाला धुआँ, निर्माण कार्य और पराली जलाने के कारण हवा में जहरीले कण तेजी से बढ़ गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली का AQI 350 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। बवाना, जहांगीरपुरी, वज़ीरपुर और बुराड़ी क्रॉसिंग जैसे इलाकों में AQI 401 से ऊपर पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी थी और समय-सारिणी तय की थी: 18 से 21 अक्टूबर, शाम 6-7 बजे और रात 8-10 बजे। लेकिन कई इलाकों में लोग देर रात तक पटाखे जलाते रहे, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में विफलता सामने आई।

सर्दियों में और बढ़ सकता है दिल्ली का प्रदूषण

पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो सर्दियों में दिल्ली का प्रदूषण और बढ़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी की हवा में लंबे समय तक रहना फेफड़े, दिल और आंखों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

दिल्ली सरकार और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां अब आपातकालीन कदमों पर विचार कर रही हैं, जिनमें स्कूल बंद करना, निर्माण कार्य रोकना और वाहनों के उपयोग को सीमित करना शामिल है। दिवाली के बाद दिल्ली का यह प्रदूषण यह सवाल फिर उठा रहा है कि क्या दिल्लीवासियों को ग्रीन पटाखों और नियमों के बावजूद सुरक्षित सांस लेने की हवा मिल पाएगी।

Team The Loktantra

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