द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य इन दिनों अपनी उपलब्धियों का जश्न मना रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में रायपुर में आयोजित NDTV Chhattisgarh Conclave 2025 चर्चा का बड़ा मंच बना, जहां राजनीति, उद्योग और समाज के कई प्रभावशाली चेहरे उपस्थित हुए। इसी कार्यक्रम में CM विष्णु देव साय ने राज्य की दिशा और भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उनके संबोधन में धर्मांतरण कानून, नई उद्योग नीति, सिंचाई परियोजनाओं और छत्तीसगढ़ की 25 साल की परिवर्तन यात्रा केंद्र में रही।
छत्तीसगढ़ को धर्मांतरण से बचाने के लिए कड़े नियम लाने की आवश्यकता – सीएम साय
सीएम विष्णु देव साय ने सबसे पहले धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि आगामी शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लाया जाएगा। उन्होंने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का उल्लेख करते हुए कहा कि वे न केवल उनके गुरु थे, बल्कि जनजातीय समाज के संरक्षण के प्रतीक भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा, स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने उन लोगों का पैर धोकर जल ग्रहण किया जो समाज से भटककर वापस लौटे। उनकी यही सोच हमारे लिए मार्गदर्शन है। छत्तीसगढ़ को धर्मांतरण से बचाने के लिए कड़े नियम लाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद नई उद्योग नीति का जिक्र किया, जिस पर देश-विदेश के निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश का उभरता केंद्र बन रहा है। सिंचाई को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने 1500 सिंचाई परियोजनाओं और ₹2,800 करोड़ की स्वीकृति दी है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर खेत तक पानी पहुँचे और किसान की आय में निरंतर वृद्धि हो।
CM साय ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को रेखांकित किया
CM साय ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2000 को राज्य के गठन के समय छत्तीसगढ़ भुखमरी से जूझ रहा था। जब हम मध्य प्रदेश विधानसभा में थे, तब रायगढ़ जिले में पिछड़ी जनजाति के लोगों की भूख से मौत हुई थी। यह राज्य के इतिहास का बेहद दर्दनाक दौर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2003 में भाजपा सरकार बनने के बाद स्थिति बदली। फूड सिक्योरिटी पर तेज काम हुआ और लोगों तक भोजन पहुंचा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा। प्रदेश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय था ₹1 किलो चावल वितरण योजना। इससे भुखमरी खत्म हुई और हर गरीब परिवार तक भोजन पहुंचा। उस समय शुरू हुई यह योजना आज भी राज्य की पहचान है।
सीएम विष्णु देव साय ने बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने गरीबी, भूख और पिछड़ेपन से आगे बढ़कर उद्योग, कृषि, खनन और अवसंरचना विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और जनजातीय समाज की सुरक्षा, किसानों की आय-वृद्धि और नई तकनीक आधारित विकास मॉडल सरकार के प्रमुख लक्ष्य हैं।
NDTV छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव का यह सत्र राज्य की विकास यात्रा, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

