द लोकतंत्र : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 और 30 नवंबर को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षकों (DGs/IGs) के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे। इस सम्मेलन का केंद्रीय उद्देश्य अब तक की प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करते हुए ‘सुरक्षित भारत’ का निर्माण करना है।
प्रमुख सुरक्षा आयामों पर विस्तृत चर्चा
इस वर्ष के सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ रखा गया है। यह विषय देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को आधुनिक और सक्षम बनाने की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करता है।
- चर्चा के मुख्य बिंदु: सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) की चुनौती, आतंकवाद निरोध (Counter-Terrorism) रणनीतियाँ, आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका, महिला सुरक्षा के मुद्दे और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नवीन उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
- सम्मान समारोह: प्रधानमंत्री इस अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
खुले संवाद का प्रोत्साहन और संरचनात्मक बदलाव
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित यह सम्मेलन देश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है।
- प्रधानमंत्री का हस्तक्षेप: वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें और व्यावसायिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागी आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा कर सकें।
- सम्मेलन का स्वरूप: प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें इसका आयोजन दिल्ली के बजाय देश भर के विभिन्न स्थानों—जैसे कच्छ के रण, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, पुणे, लखनऊ—पर किया जाना शामिल है, जिससे क्षेत्रीय पुलिसिंग की चुनौतियों को भी राष्ट्रीय मंच मिल सके।
सम्मेलन में भागीदारी
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA), गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे।
- विस्तारित भागीदारी: नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। यह जमीनी स्तर के अनुभवों को नीतिगत निर्णय में शामिल करने की एक सकारात्मक पहल है।
यह सम्मेलन आंतरिक सुरक्षा तंत्र को भविष्य के खतरों के लिए तैयार करने और पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर ठोस समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

