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प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज, प्रियंका गांधी से मुलाकात ने बढ़ाई सरगर्मी

Speculation is rife about Prashant Kishor joining the Congress party; his meeting with Priyanka Gandhi has intensified the buzz.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और जनसूराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। यह बैठक यूं ही औपचारिक नहीं मानी जा रही, क्योंकि प्रशांत किशोर लंबे समय से कांग्रेस के आलोचक रहे हैं और बिहार विधानसभा चुनाव में जनसूराज पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनके अगले कदम पर सबकी नजरें थीं।

जनसूराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई और 238 उम्मीदवारों में से 236 की जमानत जब्त हो गई। दूसरी ओर कांग्रेस भी बिहार में कमजोर पड़ी और 61 उम्मीदवार उतारने के बावजूद महज छह सीटें जीत सकी। ऐसे में दोनों पक्षों के लिए नए रास्तों की तलाश स्वाभाविक है।

प्रियंका-प्रशांत की मुलाकात से बदलेंगे सियासी समीकरण

कहा जा रहा है कि यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं बल्कि संभावनाओं की पड़ताल भी है। कांग्रेस एक ऐसी रणनीतिक धार की तलाश में है जो संगठन को नई ऊर्जा दे सके, जबकि प्रशांत किशोर को एक राष्ट्रीय मंच की आवश्यकता महसूस हो रही है। इसलिए इस मुलाकात को कांग्रेस में उनके संभावित प्रवेश से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि फिलहाल किसी भी पक्ष ने नहीं की है, लेकिन राजनीतिक तौर पर यह कदम महत्वपूर्ण संकेत देता है।

प्रशांत किशोर और गांधी परिवार का रिश्ता पुराना रहा है। 2022 में सोनिया गांधी के आवास पर हुई महत्वपूर्ण बैठक में किशोर ने कांग्रेस के पुनर्गठन और चुनावी रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी थी। तब माना जा रहा था कि वे कांग्रेस में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं, लेकिन ‘एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप 2024’ की संरचना और अधिकारों पर मतभेद के कारण बातचीत पूरी नहीं हो सकी। किशोर पार्टी में “पूर्ण स्वतंत्रता” और अधिकार चाहते थे, जबकि कांग्रेस ऐसा कोई ढांचा तैयार करने के लिए तैयार नहीं थी। परिणामस्वरूप सहयोग का वह प्रयास अधूरा रह गया।

PK की पार्टी को चाहिए राष्ट्रीय मंच?

अब बिहार चुनाव के बाद जिस समय कांग्रेस और प्रशांत किशोर दोनों ही आत्ममंथन की स्थिति में हैं, प्रियंका गांधी से उनकी मुलाकात एक नई राजनीतिक शुरुआत का संकेत हो सकती है। कांग्रेस की बदलती राजनीतिक रणनीति, भविष्य की चुनावी चुनौतियाँ और संगठनात्मक सुधार की आवश्यकता को देखते हुए प्रशांत किशोर जैसे पेशेवर रणनीतिकार का साथ पार्टी के लिए उपयोगी हो सकता है। वहीं किशोर भी एक बड़े राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म के जरिए अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता फिर से स्थापित कर सकते हैं।

फिलहाल इस मुलाकात को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इससे इतना तय है कि कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच संवाद का नया दौर शुरू हो चुका है। क्या यह बातचीत औपचारिक साझेदारी में बदलेगी या सिर्फ विचार-विमर्श तक सीमित रहेगी—यह आने वाला समय बताएगा। मगर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा अब तेजी से फैल चुकी है कि अगर प्रशांत किशोर कांग्रेस में आते हैं तो यह देश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत होगा।

Team The Loktantra

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