द लोकतंत्र/ नोएडा : उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया। एयरपोर्ट से पहली उड़ान ने उड़ान भरते हुए लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक अपनी यात्रा पूरी की। यह केवल एक विमान सेवा की शुरुआत नहीं थी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास और बदलती तस्वीर का प्रतीक भी बन गई।
इस पहली उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी भूमि देने वाले 172 किसान शामिल थे। इनमें कई ऐसे लोग थे जिन्होंने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव किया। लखनऊ पहुंचने के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और एयरपोर्ट परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में हुए विकास के लिए आभार व्यक्त किया।
डॉक्टर हीरा राशिद की कहानी बनी चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान एक युवा डॉक्टर हीरा राशिद का संबोधन विशेष रूप से चर्चा में रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए बताया कि जेवर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिले हैं।
हीरा राशिद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में सीमित संसाधनों के बावजूद बिना किसी कोचिंग के NEET परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान परिवार को मिले मुआवजे की राशि से उन्हें एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने में मदद मिली। आज वह एक डॉक्टर हैं और अपने क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से बदलती तस्वीर लोगों के जीवन को नई दिशा दे रही है। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि भविष्य में वह देश के प्रधानमंत्री बनें। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
16 शहरों से जुड़ेगा Jewar Airport, बनेगा नया एविएशन हब
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना के अनुरूप विकसित यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के लिए एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने की ओर अग्रसर है।
एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने घोषणा की है कि चरणबद्ध तरीके से जेवर एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिवर्तन का प्रतीक है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, मेट्रो विस्तार, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और औद्योगिक निवेश जैसी परियोजनाओं के साथ यह एयरपोर्ट प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में यह परियोजना लाखों रोजगार के अवसर सृजित करेगी और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख व्यापार, लॉजिस्टिक्स और एविएशन केंद्रों में शामिल करने में मदद करेगी।



