द लोकतंत्र : समकालीन भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) वित्तीय लेनदेन की रीढ़ बन चुका है। सब्जी विक्रेता से लेकर बड़े मर्चेंट आउटलेट्स तक, सेकंडों में होने वाला यह भुगतान जीवन को सुगम बनाता है। किंतु, सफलता की ऊंची दर के बावजूद कई बार उपयोगकर्ताओं को ‘ट्रांजैक्शन फेल’ होने या ‘पेंडिंग’ दिखाने के बावजूद खाते से राशि कटने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास क्या अधिकार हैं और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियम रिफंड को लेकर क्या कहते हैं, यह समझना अनिवार्य है।
अक्सर विफलता के पीछे तकनीकी सीमाएं होती हैं।
- सीमा निर्धारण: प्रत्येक बैंक और UPI ऐप की दैनिक लेनदेन सीमा तय होती है। यदि आप एक निश्चित रकम से अधिक का भुगतान करते हैं, तो सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से उसे रोक सकता है।
- श्रेणी अवरोध: निवेश या बीमा प्रीमियम जैसे बड़े भुगतानों के लिए मर्चेंट का सही तरीके से पंजीकृत होना जरूरी है। इन बाधाओं से बचने के लिए विशेषज्ञ बड़ी रकम को छोटे हिस्सों में भेजने की सलाह देते हैं।
यदि आपके खाते से पैसे कट गए हैं और पेमेंट असफल रहा है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।
RBI के ‘हार्मोनिएजेशन ऑफ टीएनटी’ नियमों के अनुसार:
- ज्यादातर मामलों में पैसा 24 से 48 घंटों के भीतर खाते में वापस आ जाता है।
- यदि ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद निर्धारित समय (आमतौर पर T+5 दिन) में पैसा वापस नहीं आता, तो बैंक को ग्राहक को प्रति दिन ₹100 का मुआवजा देना होगा।
विवाद दर्ज करने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए:
- ऐप से शुरुआत: सबसे पहले संबंधित UPI ऐप (GPay, PhonePe, Paytm) के ‘हेल्प’ सेक्शन में जाकर टिकट रेज करें।
- बैंक की भूमिका: यदि ऐप से समाधान नहीं मिलता, तो अपने बैंक के कस्टमर केयर पर UPI रेफरेंस नंबर के साथ शिकायत दर्ज कराएं।
- यदि 30 दिनों तक बैंक कार्रवाई नहीं करता, तो आप RBI की इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम (Ombudsman) पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का एक स्पष्ट नियम है, यदि एक ट्रांजैक्शन अटक गया है, तो तुरंत दूसरा भुगतान करने से बचें। यह दोहरे डेबिट के जोखिम को बढ़ाता है। सफल पेमेंट को बैंक वापस नहीं करा सकता, अतः गलत नंबर पर पैसे भेजने से पहले सावधानी बरतें।
निष्कर्षतः, UPI सुरक्षित है, बशर्ते उपयोगकर्ता अपने अधिकारों और नियमों के प्रति जागरूक हो। तकनीकी युग में धैर्य और सही जानकारी ही आपकी पूंजी की रक्षा कर सकती है।

