द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तनाव जोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (30 दिसंबर) को इस घटना पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं वैश्विक शांति प्रयासों के विपरीत हैं और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
वहीं, रूस ने दावा किया था कि यूक्रेन ने 91 ड्रोन के जरिए नोवगोरोड क्षेत्र में पुतिन के आवास को निशाना बनाने की कोशिश की। परंतु अब मामला बड़ा मोड़ ले चुका है, क्योंकि यूक्रेन ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया है और भारत सहित कुछ देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
जेलेंस्की ने PM मोदी के बयान पर जताई नाराजगी
कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और यूएई के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो हैरानी होती है कि भारत, यूएई और कुछ अन्य देशों ने कथित ड्रोन हमलों की निंदा की, जबकि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं। रूस लगातार हमारे लोगों, खासकर बच्चों पर हमला कर रहा है, पर उस पर किसी ने आवाज नहीं उठाई। मुझे यह भारत से भी सुनने को नहीं मिला। जेलेंस्की का यह बयान भारत की मध्य-स्थ व शांतिपूर्ण कूटनीति पर अप्रत्यक्ष आलोचना माना जा रहा है।
भारत की स्थिति, शांति संवाद पर जोर
PM मोदी ने एक्स (ट्विटर) पर लिखते हुए पुतिन आवास पर हमलों की खबर को चिंताजनक बताया था। उन्होंने कहा कि राजनयिक प्रयास ही शांति बहाल करने का सर्वोत्तम मार्ग हैं, और दुनिया को ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो शांति पहलों को कमजोर कर सकते हैं। भारत शुरू से ही रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए बातचीत के रास्ते का समर्थन करता रहा है। हालांकि यूक्रेन के नेताओं को यह अपेक्षा है कि भारत रूस के कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर भी स्पष्ट स्वर में निंदा करे।
यूक्रेन के विदेश मंत्री का भी बयान
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रि सिबिहा ने भी भारत, यूएई और पाकिस्तान के बयानों पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर कहा, एक दिन बीत चुका है, लेकिन रूस ने अब तक हमले का कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया है, क्योंकि सबूत है ही नहीं। ऐसा हमला हुआ ही नहीं था। यूक्रेन का मानना है कि रूस ने दुनिया को भ्रमित करने के लिए झूठा नैरेटिव खड़ा किया है और कई देश अनजाने में इसका समर्थन कर बैठे।

