द लोकतंत्र : आज 31 दिसंबर 2025 को वर्ष का अंतिम सूर्य अस्त होने के साथ ही संपूर्ण राष्ट्र वर्ष 2026 के स्वागत की तैयारियों में निमग्न है। जहाँ एक ओर लोग उत्सवों की योजना बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वित्तीय लेनदेन को लेकर उहापोह की स्थिति भी बनी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आधिकारिक अवकाश तालिका के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को नववर्ष के उपलक्ष्य में देश के विशिष्ट राज्यों और शहरों में बैंकिंग संस्थानों के द्वार बंद रहेंगे। यद्यपि यह अवकाश अखिल भारतीय स्तर पर अनिवार्य नहीं है, किंतु क्षेत्रीय सांस्कृतिक महत्व के अनुसार कई प्रमुख महानगरों में बैंक शाखाएं कार्यशील नहीं होंगी।
क्षेत्रीय अवकाश का विवरण: कहाँ पड़ेगा असर?
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि राज्यों की स्थानीय परंपराओं और सरकार के निर्देशों के अनुसार बैंकों का अवकाश निर्धारित किया गया है।
- इन शहरों में रहेगी बंदी: 1 जनवरी को विशेष रूप से आइजोल, चेन्नई, गंगटोक, इम्फाल, इटानगर, कोहिमा, कोलकाता और शिलांग में बैंकों में सामान्य कारोबार स्थगित रहेगा। यदि आप इन क्षेत्रों में व्यवसाय करते हैं या निजी कार्य के लिए शाखा जाने का विचार कर रहे हैं, तो अग्रिम नियोजन अनिवार्य है।
- राजधानी और शेष भारत: देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई (शेयर बाजार केंद्र), बेंगलुरु और लखनऊ जैसे शहरों में बैंकिंग प्रणाली सुचारू रूप से कार्य करेगी। इन स्थानों पर नागरिक नियमित बैंकिंग अवधि में अपने कार्य संपादित कर सकते हैं।
विकल्प: डिजिटल बैंकिंग प्रणाली का आधार
भौतिक शाखाओं के बंद होने के बावजूद, आधुनिक युग में वित्तीय कार्य बाधित नहीं होते।
- ऑनलाइन सेवाएं: RTGS, NEFT और IMPS के माध्यम से फंड ट्रांसफर की सुविधा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी।
- ATM और कार्ड्स: नकद निकासी के लिए एटीएम (ATM) नेटवर्क पूरी तरह से सक्रिय रहेगा। साथ ही, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से डिजिटल भुगतान में कोई अवरोध नहीं आएगा।
- मोबाइल ऐप: जटिल कार्यों जैसे चेक-बुक रिक्वेस्ट या अकाउंट स्टेटमेंट के लिए ग्राहक अपने संबंधित बैंक के मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं।
आर्थिक विश्लेषकों का तर्क है कि बैंकों की छुट्टियां अब व्यवसाय को उतना प्रभावित नहीं करतीं जितना एक दशक पूर्व करती थीं। इसका श्रेय भारत के मजबूत ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ को जाता है। यद्यपि क्रेडिट अप्रूवल या लॉकर परिचालन जैसे कार्यों के लिए शाखा की अनिवार्यता बनी हुई है, किंतु फिनटेक क्रांति ने आम जनता को छुट्टियों के प्रति निश्चिंत कर दिया है। भविष्य में एआई-संचालित बैंकिंग कियॉस्क छुट्टियों के दौरान भी शाखाओं की कमी को पूरी तरह से समाप्त कर सकते हैं।
निष्कर्षतः, 1 जनवरी 2026 को बैंक जाने से पूर्व क्षेत्रीय छुट्टियों की पुष्टि अवश्य करें। चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े व्यापारिक केन्द्रों में बंदी के कारण कागजी कार्य बाधित हो सकते हैं, किंतु डिजिटल इंडिया के सशक्त माध्यम आपके लिए सदैव सक्रिय रहेंगे। सुचारू लेनदेन के लिए इंटरनेट बैंकिंग का सहारा लेना ही वर्तमान में सर्वश्रेष्ठ रणनीति है।

